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हरियाणा और राजस्थान सरकार के मध्य यमुना का पानी का एग्रीमेंट गलत जिला महेंद्रगढ़ को बर्बादी की ओर धकेलने का कदम: गोमला

ब्यूरो चीफ सतीश कुमार महेंद्रगढ़ हरियाणा

 

नारनौल। अभी हरियाणा और राजस्थान सरकार के मध्य यमुना का पानी राजस्थान में ले जाने का जो एक एग्रीमेंट हुआ वो सरासर ग़लत है और पहले से ही भूजल स्तर की मार झेल रहे जिला महेंद्रगढ़ को बर्बादी की ओर धकेलने का कदम है ।

सर्व समाज मंच के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम गोमला ने एक प्रेस विज्ञप्ति में उक्त बात कही । सर्व समाज मंच की खंड अटेली के संस्थापक सदस्यों की कोर कमेटी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार भी जानती है और सरकार के नेता भी जानते हैं कि हरियाणा में जिला महेंद्रगढ़ सबसे अधिक पानी की किल्लत झेल रहा है । अत्यंत गहरे जा चुके भूजल से परेशान जिला महेंद्रगढ़ को उम्मीद केवल यमुना के बरसाती पानी पर ही टिकी होती है । बावजूद इसके उस पानी को भी राजस्थान को देकर सीधा नुकसान का काम कर रही है सरकार ।

उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि इसके जिम्मेदार सीधे तौर पर वे सतासीन नेता हैं जो सरकार में रहकर मौन साधे बैठे हैं ।

उन्होंने कहा कि निकम्मे नेताओं की वजह से हल्का अटेली की दुर्दशा हो रही है । राजस्थान के साथ हुए उक्त समझौते को तत्काल प्रभाव से रद्द कर जिला को हिस्से का पूरा पानी दे सरकार । अटेली हल्के के गांवों में पानी की पूर्ति के लिए सीहोर से लेकर भड़फ, ककराला, ढाणा भोजावास, मोहलडा, राता, बोचड़ियां, सैदपुर, नांगल होते हुए राजपूरा ओर पृथ्वीपुरा के मध्य तक नहर का निर्माण करे सरकार । अटेली हल्के में पांच बड़ी यूनिट बड़े उद्योग की लगवाए सरकार ताकि कुछ हद तक बेरोजगारी पर अंकुश लगाया जा सके ।

उन्होंने कहा कि नगर निकायों के पूर्व प्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, पंचायत समिति सदस्यों सहित सभी पूर्व पंचों व 1994 से पूर्व के सरपंचों को भी पेंशन दे सरकार ।

उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि पूर्व सरपंचों पूर्व पंचायत समिति चेयरमैनों उप चेयरमैनों पूर्व जिला प्रमुखों व उप प्रमुखों की पेंशन वृद्धि करे ।

 श्री गोलमा ने कहा कि उनके द्वारा 2013 से मांग रखी थी कि पंचायती राज व नगर निकायों के सभी पूर्व प्रतिनिधियों को सरकार पेंशन दे । एक लंबे संघर्षपूर्ण अभियान के परिणाम स्वरूप सरकार ने पूर्व सरपंचों पंचायती समिति अध्यक्षों उपाध्यक्षों जिला प्रमुखों उपप्रमुखों को तो पेंशन चालू कर दी जबकि अन्य सभी पूर्व प्रतिनिधियों को छोड़ दिया। जबकि नगर निकायों के पूर्व चेयरमैनो व वाइस चेयरमैनो की पेंशन की तो घोषणा करके भी चालू नही की ।

उन्होंने बताया कि पंचायती राज और नगर निकाय भारतीय लोकतंत्र की मूल इकाइयां हैं । इसलिए इनके सभी प्रतिनिधियों को सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए । क्योंकि गांवों और शहरों में बसी भारत की समस्त आबादी की व्यवस्था नगर निकायों व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधी ही संभालते हैं । और ना केवल पद पर रहते हुए ही यह सब संभालते हैं बल्कि पद से हटने के बाद भी ये लोग जीवन भर अपने अपने क्षेत्र में जनसेवा में लगे रहती हैं । इसलिए सरकार को इनके सम्मान स्वरूप सभी प्रतिनिधियों की पेंशन लागू कर देनी चाहिए ।

उन्होंने बताया कि सरकार ने जिन पूर्व प्रतिनिधियों की पेंशन लागू की हुई है उन्हे भी समय पर पेंशन नहीं दी जा रही । सन 2019 में लागू हुई पूर्व प्रतिनिधि पेंशन में से अब तक पूरी पेंशन नही दी गई है । हैड में राशि आने के बावजूद प्रदेश के कुछ ब्लॉकों में तो अभी तक एक रुपया भी पेंशन का नही दिया गया है ।

उन्होंने बताया कि पिछले योजना के सभी पूर्व प्रतिनिधियों व अन्य बचे हुए प्रतिनिधियों को ऑनलाइन पात्रता दर्ज करवाने हेतु इंटरनेट पर साइट नही खोली जा रही जो सरासर ग़लत है जिससे सभी पात्र पूर्व प्रतिनिधि वंचित रह रहें हैं ।

सर्व समाज मंच के अध्यक्ष राधेश्याम गोमला ने मांग की कि सरकार बचे अन्य सभी पूर्व प्रतिनिधियों की पेंशन चालू करते हुए इंटरनेट पर साइट चालू कर नए पात्र पूर्व प्रतिनिधियों की पेंशन लागू करे । अन्यथा ये सभी पूर्व प्रतिनिधि आंदोलन करने पर मजबूर होंगे ।

उन्होंने मांग की कि विकास के बढ़ते कदमों से कदम मिलाने हेतु जिला महेंद्रगढ़ को मेट्रो से जोड़े सरकार ।

उन्होंने कहा कि पिछले बीस की महत्वपूर्ण मांग अटेली को उपमंडल तथा दोंगड़ा अहीर को उपतहसील का दर्जा मिले ।

इस अवसर पर जिला पार्षद मनपाल खैरानी , पंचायत समिति अटेली के पूर्व चेयरमैन सतेंद्र यादव , नगर पालिका अटेली के पूर्व नगर पार्षद राजेश यादव , पूर्व सरपंच सुमेरसिंह बेगपुर, पूर्व सरपंच वीरेंद्र मोहल्डा, पूर्व सरपंच महावीर फतेहपुर , पूर्व सरपंच हरपाल सिंह चौहान नीरपुर, पूर्व सरपंच मदनलाल रामपुरा , पूर्व सरपंच महावीर गणियार, पूर्व सरपंच भूपेंद्र सागरपुर , पूर्व सरपंच बीरसिंह खारीवाड़ा , पूर्व सरपंच जयदयाल नांगल , पूर्व सरपंच राकेश पूनिया खोड़ , पूर्व सरपंच हनुमान राजपुरा , पूर्व सरपंच जसवंत पृथ्वीपुरा , पूर्व सरपंच रतनलाल , पूर्व सरपंच श्यामलाल कारिया , पूर्व सरपंच रामनिवास कटकई , पूर्व सरपंच राजमित्र सहित अनेक पूर्व प्रतिनिधि मौजूद थे ।

Satish Kumar

Beauro Chief Mahendragarh Haryana

Satish Kumar

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