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कप्तानगंज थाने में ग्राम प्रहरी (चौकीदार ) की नियुक्ति में हुआ बड़ा खेल जांच शुरू

संवाददाता सचिन कुमार कसौधन बस्ती

 

बस्ती (कप्तानगंज ) – कप्तानगंज थाने में तैनात ग्राम प्रहरी ( चौकीदार ) की नियुक्ति में अनियमिता का मामला प्रकाश में आया है । तेज तर्रार जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने कप्तानगंज थाने में तैनात ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) की फर्जी नियुक्ति को संज्ञान में लेकर जांच के निर्देश दिए हैं । सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कप्तानगंज थाने के अन्तर्गत 195 राजस्व गांव है जिसमें 235 ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) की नियुक्ति हुई है और प्रतिदिन नये ग्राम प्रहरी (चौकीदार ) की नियुक्ति के लिए आवेदन किये जा रहे हैं । फर्जी ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) की नियुक्ति का मामले का खुलासा तब हुआ जब 07 ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) की नई नियुक्ति करने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय से सूची कप्तानगंज थाने पर आया । जिलाधिकारी कार्यालय से जारी सूची के अनुसार जब ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) ने कप्तानगंज प्रभारी निरीक्षक दीपक कुमार दूबे से नियुक्ति के लिए कहा तब प्रभारी निरीक्षक ने कार्यालय से जानकारी प्राप्त किया तो पता चला कि थाने के अन्तर्गत राजस्व गांवों से अधिक ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) की नियुक्ति हो चुकी है और प्रभारी निरीक्षक ने नये ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों ) की नियुक्ति करने से मना कर दिया । नये ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों ) की नियुक्ति कप्तानगंज थाने में न होने से नाराज चयनित अवेदकों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर जांच की मांग किया । जिलाधिकारी के आदेशानुसार प्रभारी निरीक्षक द्वारा ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों ) की तैनाती एवं डियूटी की जांच की जा रही है । प्रभारी निरीक्षक के जांच में बड़े पैमाने पर ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों ) का खुलासा हो रहा है । कुछ ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) की नियुक्ति बिना राजस्व के हुई है एवं कुछ की नियुक्ति 10-15 किलोमीटर दूर हुई है । शासनादेश के अनुसार ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) की नियुक्ति ग्राम पंचायत के राजस्व गांव में होना चाहिए । कप्तानगंज थाने में तैनात ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) की फर्जी नियुक्ति की जांच के बाद डियूटी की जांच थाने में सीसीटीवी फुटेज से की जाए तो चौकाने वाले तथ्य सामने आयेंगे । कुछ ग्राम प्रहरी (चौकीदार ) नियुक्ति से लेकर आज तक थाने पर डियूटी आते ही नही है लेकिन दीवान की मिलीभगत से प्रतिमाह फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) को मानदेय मिल रहा है जिससे सरकारी खजाने को लाखों रुपये का चूना लग रहा है । यदि ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) की नियुक्ति एवं डियूटी की सही से जांच की जाए तो 40 – 50 ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) पर गाज गिर सकती है । अब देखना है कि अवैध ग्राम प्रहरियों ( चौकीदारों ) के खिलाफ कार्रवाई होती है या जांच एवं कारवाई के नाम पर लीपापोती की जाती है ।

Sachin Kumar Kasudhan

Beauro Chief (Basti)

Sachin Kumar Kasudhan

Beauro Chief (Basti)

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