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एक्यूप्रेशर चिकित्सा में “दूरस्थ बिंदुओं का नियम” बेहद प्रभावी — मनीषा सिंह

अखंड एक्यूप्रेशर रिसर्च ट्रेनिंग एंड ट्रीटमेंट इंस्टीट्यूट, प्रयागराज

वेदान्त सिंह की रिपोर्ट

 

प्रयागराज। एक्यूप्रेशर थैरेपिस्ट मनीषा सिंह ने कहा कि शरीर के विभिन्न रोगों के उपचार में “दूरस्थ बिंदुओं का नियम (Law of Distal Points)” अत्यंत प्रभावी सिद्ध होता है। यह नियम बताता है कि कोहनी (Elbow Joint) और घुटने (Knee Joint) के नीचे स्थित कुछ विशेष एक्यूप्रेशर बिंदुओं के माध्यम से शरीर के ऊपरी और निचले दोनों हिस्सों के रोगों का सफल उपचार किया जा सकता है।

 

मनीषा सिंह ने बताया कि —

 

Li 4 बिंदु माथे से गले तक के सभी रोगों जैसे मुंह के छाले, चेहरे पर फुंसियाँ, गले की सूजन या गांठ आदि में लाभकारी है।

 

P 6 बिंदु छाती से नाभि तक के रोगों, जैसे छाती में दर्द, एंजाइना पेन, उल्टी, हिचकी आदि में उपयोगी है।

 

St 36 बिंदु पेट एवं पाचन तंत्र के विकारों में प्रभावी माना जाता है।

 

Sp 6 बिंदु नाभि से नीचे के रोगों, जैसे मासिक धर्म की गड़बड़ी, पेशाब की समस्या, आँतों की परेशानी आदि में लाभकारी होता है।

 

 

इसी प्रकार शरीर के पीछे के भाग के लिए —

 

Lu 7 गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से के दर्द में,

 

UB 54 कमर दर्द, स्लिप डिस्क व सायटिका में,

 

और Sp 6 परिनियल क्षेत्र, गुदा तथा निचले अंगों के रोगों में उपयोगी है।

 

 

उन्होंने बताया कि कई बार केवल इन दूरस्थ बिंदुओं पर दबाव देने से ही रोग में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। यदि फिर भी संपूर्ण लाभ न मिले तो स्थानीय बिंदुओं (Local Points) का भी प्रयोग किया जाता है।

 

मनीषा सिंह ने कहा कि एक्यूप्रेशर चिकित्सा शरीर की ऊर्जा प्रणाली को संतुलित कर प्राकृतिक उपचार को बढ़ावा देती है। यह पद्धति बिना दवा के सुरक्षित और प्रभावी उपचार का माध्यम बनती जा रही है।

 

(प्रेषक: अखंड एक्यूप्रेशर रिसर्च ट्रेनिंग एंड ट्रीटमेंट इंस्टीट्यूट, प्रयागराज)

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

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