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देर से आते हैं शिक्षक न्यूनतम मानदेय पाने वाली रसोइया खोलती है स्कूल
बनकटी ब्लाक के संविलयन स्कूल अनपाखोर का मामला

ब्यूरो चीफ सचिन कुमार कसौधन
बनकटी/बस्ती।(बीपी लहरी) बेसिक शिक्षा विभाग का पर्यवेक्षण न होने से बनकटी ब्लाक के शिक्षकों में मनमानी बढ़ रही है। जो निर्धारित समय से स्कूल पहुँचना अपने सिद्धान्त के खिलाफ मानते हैं। लगता है कि ऐसे अतिमहत्वाकांक्षी शिक्षकों ने विभाग के जिम्मेदारों को मैनेज कर लिया है।
प्रेस टीम ने बुधवार 08 अक्टूबर 2024 को सुबह नौ बजे ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय संविलियन स्कूल अनपाखोर का पड़ताल किया। जहाँ स्कूल में नियत समय पर पंचमती नामक महिला रसोइया ने पहुँच कर गेट का ताला खोला। इसके बाद बच्चों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। नौ बजकर पच्चीस मिनट पर प्रधानाध्यापिका दीप माला व सहायक अध्यापिका किरन चौधरी ने कार से स्कूल में प्रवेश किया। तत्पश्चात् सहायक शिक्षक राम सहाय व कुमार गौरव चौधरी और शिक्षामित्र राजकली व अन्य रसोइया सुनीता व राजकुमारी का भी आगमन हुआ। जब कि एक अन्य शिक्षामित्र मुरुत प्रसाद अवकाश पर रहे। स्कूल में प्रवेश करने के उपरान्त शिक्षकवृन्दों समेत बच्चों ने प्रार्थना किये बगैर शिक्षण सम्बन्धी कार्य शुरू कर दिया। जबकि शिक्षण संस्थानों की प्राथमिकता में शिक्षण कार्य प्रार्थना करने के उपरान्त शुरू करने की परम्परा कायम है।अब सवाल उठता है कि अनपाखोर स्कूल के शिक्षक बृन्दों को क्या प्रार्थना कराने की परम्परा से अलग कर दिया गया हैं ?.
प्रधानाध्यापिका दीपमाला ने बताया कि स्कूल में तीन रसोइया सुनीता,राजकुमारी पंचमती देवी हैं। जो मीनू के अनुसार बच्चों के लिए तहरी बना रही हैं। स्कूल में 96 बच्चे पंजीकृत हैं। लेकिन आज 65 बच्चे ही आये हैं।
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