राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के प्रदेश नेतृत्व के आव्हान पर जिला अध्यक्ष विनोद कुमार माजरा के नेतृत्व में सोमवार को खैरथल-तिजारा के अति जिला कलेक्टर शिवपाल जाट को मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकार के नाम 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें –
वर्ष 1997 से अब तक शिक्षा विभाग के समस्त कार्यालयों में रोस्टर रजिस्टर संधारण किया जाए।
अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति महंगाई सूचकांक के अनुसार बढ़ाई जाए।
तृतीय श्रेणी की डीपीसी शीघ्र आयोजित की जाए।
वाइस प्रिंसिपल, व्याख्याता और प्रधानाचार्य पदों की लंबित डीपीसी संपन्न की जाए।
वाइस प्रिंसिपल कैडर को पुनः बहाल किया जाए।
स्थाई स्थानांतरण नीति लागू कर शिक्षकों के तबादले किए जाएं।
नई शिक्षा नीति के तहत एससी-एसटी अधिकारियों की पाठ्यक्रम निर्धारण समिति में नियुक्ति की जाए।
पाठ्यक्रम में एससी-एसटी महापुरुषों और डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन संघर्ष एवं योगदान को उचित स्थान दिया जाए।
कक्षा 5 की पाठ्यपुस्तक से हटाए गए आदिवासी वीरांगना कालीबाई का पाठ पुनः शामिल किया जाए।
शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाए।
पातेय वेतन पर पदस्थापित प्रधानाध्यापक को नोशनल वरिष्ठता प्रदान की जाए।
शिक्षकों के वेतन विसंगति दूर की जाए।
शिक्षा विभाग के कार्मिकों को 8, 16, 24 और 32 वर्ष पर वित्तीय अपग्रेडेशन दिया जाए।
नवक्रमोन्नत विद्यालयों में हिंदी और अंग्रेजी व्याख्याताओं के पद अनिवार्य रूप से सृजित किए जाएं।
इस अवसर पर रगबीर सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष तिजारा), टिंकू कुमार (ब्लॉक अध्यक्ष किशनगढ़बास), राजेश कुमार गोठवाल (ब्लॉक अध्यक्ष मुंडावर), चुन्नीलाल वर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष कोटकासिम), धर्मपाल तंवर (ब्लॉक अध्यक्ष टपूकड़ा), प्रधानाचार्य रमेश चंद्र, जिला प्रवक्ता अजीत सिंह, कार्यालय मंत्री सुरेश शास्त्री सहित कई पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।