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राजस्थान के पशुपालकों को समृद्धि की नई राह दे रही है गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना बढ़ेगी कमाई, आएगी खुशहाली

पशुपालक इस योजना में एक लाख तक का ऋण पाकर पशुपालन को दे रहे नए आयाम

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा

 

खैरथल-तिजारा, 22 अप्रैल। कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में परम्परागत रूप से अग्रणी रहे राजस्थान के पशुपालकों के समग्र उत्थान और पशुपालन क्षेत्र को विकास के नए आयाम देने के लिए जारी निरन्तर प्रयासों के अन्तर्गत व्यापक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इससे प्रदेश के किसानों और पशुपालन से जुड़े ग्रामीणों की आजीविका को भी मजबूत आधार मिल रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार पशुपालकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए सतत प्रयास कर रही है। इसी क्रम में ‘राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना’ को एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शुरू किया गया है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में नया अवसर मिला है।

*ढाई लाख परिवारों को जोड़ा जाएगा*

इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत गोपालक किसान परिवारों को एक लाख रुपये तक का व्याजमुक्त अल्पकालीन ऋण एक वर्ष की अवधि के लिए प्रदान किया जा रहा है। राज्य बजट 2024-25 में जहां 5 लाख गोपालक परिवारों को योजना में शामिल किया गया था, वहीं अब आगामी बजट 2025-26 में अतिरिक्त 2 लाख 50 हजार परिवारों को इसमें जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। योजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु 150 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रावधान भी प्रस्तावित है।

*37,400 से अधिक गौपालक परिवारों को लगभग ढाई करोड़ ऋण राशि स्वीकृत*

इस ऋण का उपयोग पशुओं के लिए शैड, खेली निर्माण, चारा भंडारण एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए किया जा सकता है। योजना के तहत यह सुनिश्चित किया जाता है कि ऋण का उपयोग उसी कार्य के लिए हो, जिसके लिए वह स्वीकृत किया गया है। वर्ष 2024-25 में अब तक एक लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 37,400 से अधिक गोपालक परिवारों को लगभग 248 करोड़ रुपये की ऋण राशि स्वीकृत की जा चुकी है। खैरथल-तिजारा जिले में वित वर्ष 2024-25 में 108 गोपालक परिवारों को इस योजना से लाभान्वित किया गया।

योजना का लाभ उठाने के लिए गोपालक किसान का संबंधित प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति अथवा ग्राम सेवा सहकारी समिति का सदस्य होना आवश्यक है। साथ ही, ऋण की समय पर अदायगी करने पर किसानों को किसी प्रकार का ब्याज नहीं देना पड़ता है। आवेदन की प्रक्रिया को सरल रखते हुए सरकार ने ई-मित्र केंद्रों और ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से आवेदन की सुविधा उपलब्ध करवाई है।

इस योजना से न केवल पशुपालकों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि वे अधिक मात्रा में गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादन कर रहे हैं। इसके साथ ही यह योजना प्रदेश में गोवंश संरक्षण की दिशा में भी एक प्रभावी कदम साबित हो रही है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना ने वास्तव में राजस्थान के पशुपालकों को आर्थिक मजबूती और सामाजिक समृ‌द्धि की नई दिशा दिखाई है।

 

Viyasmani Tripaathi

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