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रुद्रपुर के पहाड़ियों पर चढ़ा होली का खुमार, बिखरने लगा बैठकी होली का रंग, उत्तराखंड के प्रसिद्ध होल्यारो ने बांधी शमा 

Holi fever spread on the hills of Rudrapur, the colors of the sitting Holi started spreading, famous Holi revelers of Uttarakhand lit candles

ब्यूरो रिपोर्ट… अनीता पाल

रुद्रपुर…शैल सांस्कृतिक समिति द्वारा बैठकी होली का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद अजय भट्ट,रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। होली में मुख्य रूप से प्रमुख समाजसेवी में लकी खरबंदा . जेबी सिंह, डॉ मीनाक्षी जोशी ,पूर्व राज्य मंत्री सुरेश परिहार, रुद्रपुर वार्ड नंबर 1 पार्षद पवन राना, आदि उपस्थित थे।मंच और श्रोताओ के बीच विभिन्न रागों से सजी बैठकी होली में ऐसे कई अनगिनत गीत गाए ।जो पीढ़ीयों से चलते आ रहे हैं. रुद्रपुर शैल परिषद द्वारा बैठकी होली शास्त्रीय संगीत पर आधारित है. पूरी रात लोग होली के गीत गाते रहे.शैल परिषद की होली शास्त्रीय संगीत पर आधारित होली गायको ने इस त्योहार को और भी खास बना दिया. बैठकी होली में होल्यार ने रात भर एक से बढ़कर एक होली के गीत गाकर समां बांध दिया।

रुद्रपुर शैल परिषद के महामंत्री एडवोकेट दिवाकर पांडे द्वारा कि बैठकी होली शास्त्रीय संगीत पर आधारित है. इसमें पूरी रात लोग होली के गीत गाते हैं. आज शैल परिषद की बैठकी होली में हमने शहर के सभी सम्मानित व्यक्तियों को आमंत्रित किया है। हमारी संस्कृति हमारी धरोहर है।बैठकी होली कुमाऊं की संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह न केवल संगीत का उत्सव है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने का प्रयास भी है. शैल सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवाल ने बताया कि “बैठकी होली हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है. इसमें गाए जाने वाले गीत हमें भक्ति और श्रृंगार के रस में डुबो देते हैं. यह परंपरा हमें हमारी सांस्कृतिक पहचान का एहसास कराती है.” कुमाऊं की बैठकी होली केवल एक संगीत उत्सव नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है. यह परंपरा हमें यह सिखाती है कि कैसे हमारी सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक हस्तांतरित किया जा सकता है.

प्रमुखप्रस्तुति बड़ी-बड़ी अखियां में, मैं पनिया भरन गई,

कह विधि फाग रचायो, मोहन मन लीनो।। मुरली

अब कैसे जोगन बचे।

व्रज बांवरो मोसे बांवरी कहत है, अब हम जानी,

बांवरो भयो नन्दलाल ।। मोहन ०

औरों को लाना पिया रंग बसंती।

होलिया में मुख्य रूप से धारणीधर पांडे, मृदुल पांडे, अरुण पांडे

बैठकी की होली में मुख्य रूप से शैल परिषद के अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवाल, महामंत्री एड 0दिवाकर पाण्डे,कोषाध्यक्ष डी0के0दनाई,पूर्व वन विकास निगम के अध्यक्ष सुरेश परिहार,उपाध्यक्ष मोहन उपाध्याय, दिनेश चंद्र भट्ट, गीता भट्ट, अतुल पांडे,आर0पी0शर्मा,पूरन चन्द्र जोशी,राजेन्द्र सिंह बोरा, दिनेश बम ,संजीव बुधौरी, हरीश दनाई ,नरेंद्र रावत, सतीश लोहनी, जगदीश बिष्ट, सी0 बी0 घिंडियाल, एल0डी0 जोशी , राजेंद्र बलौदी ,प्रकाश जोशी,महेश कांडपाल, डी0एस0 मेहरा, उज्जवल पांडे,पूर्व महानिदेशक चिकित्सा विभाग डा0एल0एम उप्रेती,त्रिभुवन जोशी ,हरीश मिश्रा, के0के0मिश्रा,दयाकिसन बुढ़लाकोटी,शेखर अधिकारी ,मुकुल उप्रेती,डी0डी0गुणवन्त,तनुजा बुधौरी, विनीता पांडे, सुधा पटवाल , मोहिनी बिष्ट,लीला दनाई, नीलम कांडपाल , दीपा मटेला,भावना मेहरा, मंजू दनाई ,सुनीता पांडे ,तारा जोशी, शोभा मिश्रा, प्रभा मेहरा ,शालिनी बोहरा, सरिता उपाध्याय ,हेमा पंत, कुमकुम उपाध्याय, रेखा, पूजा, भारती जोशी,आदि उपस्थित थे।

Anita Pal

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