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जगराता अर्थात अपनी शक्तियों का जागरण करना
देवी अर्थात् दिव्य गुणों को धारण करना अपने अंदर के विकारों रूपी राक्षसों का संघार करें : बहनजी

लोकेसन=देवेंद्रनगर मध्य प्रदेश पन्ना
ब्यूरो चीफ=सुधीर अग्रवाल
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, पन्ना की ओर से देवेंद्र नगर में चैतन्य देवियों की भव्य झांकी का आयोजन
देवेंद्रनगर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, पन्ना की ओर से चैतन्य देवियों की भव्य झांकी लगाई गई। इस अवसर पर बहनजी ने उपस्थित जनसमूह को देवियों के आध्यात्मिक रहस्य से अवगत कराते हुए बताया कि मां दुर्गा का तात्पर्य दुर्गुणों को दूर करने वाली शक्ति से है। देवियों के व्रत के साथ हमें मन से दुर्गुणों को त्यागने का संकल्प लेना चाहिए।
मां लक्ष्मी वह हैं, जिसमें महान लक्ष्य होते हैं। इसलिए यह कहा जाता है कि “नर ऐसी करनी करे जो नारायण बन जाए, और नारी ऐसी करनी करे जो लक्ष्मी के समान पूजी जाए।” हमें अपने जीवन में यह लक्ष्य रखना चाहिए कि संसार रूपी कीचड़ में रहते हुए भी कमल की तरह बुराइयों और गलत संस्कारों से मुक्त रहें।
मां सरस्वती को हंस पर विराजमान, हाथ में वीणा लिए और धवल वस्त्रों में दिखाया गया है। इसका आध्यात्मिक अर्थ यह है कि कलियुग के अंत में जो आत्मा सादगी और पवित्रता का धवल वस्त्र धारण करती है और जिसके मन एवं मुख से सदा ज्ञान रूपी वीणा झंकृत होती रहती है, वही हंस के समान नीर-क्षीर विवेक कर दुर्गुणों से दूर रह पाती है।
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवांगी गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने चैतन्य देवियों की झांकी की भूरि-भूरि सराहना की।

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