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शरद पूर्णिमा पर यज्ञ कर बताया खीर चांदनी के संयोग से रोग मुक्ति का उपाय

बस्ती 25 अक्टूबर।
*शरद पूर्णिमा पर यज्ञ कर बताया खीर चांदनी के संयोग से रोग मुक्ति का उपाय*
आर्य समाज नई बाजार, बस्ती में शरद पूर्णिमा के अवसर पर वैदिक यज्ञ और सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित जनों ने पूर्णिमा की विशेष आहुतियां देकर लोक-कल्याण, सुख, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। कार्यक्रम में योग शिक्षिका एवं समाजसेवी श्रीमती नीलम मिश्रा मुख्य यजमान रहीं।
आर्य समाज नई बाजार के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शरद पूर्णिमा वर्षा ऋतु की समाप्ति और शरद ऋतु के आगमन का संधि काल है। यज्ञ के दौरान योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय ने बताया कि इस समय चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है, जिसकी किरणें शरीर के आंतरिक तापमान व पित्त को शांत करती हैं। वेदों में चंद्रमा को ‘औषधीश’ कहा गया है। इसी वैज्ञानिक पद्धति के तहत दुग्ध, चावल और मिश्री से बनी सात्विक खीर को खुले आसमान के नीचे रखा जाता है, जो चंद्र किरणों के प्रभाव से पाचक औषधि बन जाती है।
वक्ताओं ने बताया कि शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी मानसिक तनाव दूर कर चित्त को सात्विक बनाती है। ‘कोजागरी पूर्णिमा’ के रूप में यह रात्रि संदेश देती है कि मनुष्य को अज्ञान व आलस्य छोड़कर हमेशा जागरूक रहना चाहिए। इस अवसर पर शिव श्याम, मनोज कुमार संत जी, रजनीश चौधरी, नवल किशोर चौधरी, राधा देवी और धर्मेंद्र कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
गरुण ध्वज पाण्डेय

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