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दिशोदय स्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा संडे स्पोर्ट्स लैब में ‘खेलो बीकानेर क्लब’ का शुभारंभ, मिशन 2036 के तहत ओलंपिक खिलाड़ी तैयार करने का लक्ष्य

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर। शहर में खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने और सभी आयु वर्ग के लोगों को खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से दिशोदय स्पोर्ट्स फाउंडेशन (DSF) द्वारा रविवार को लिलीपॉन्ड के पास आयोजित ‘संडे स्पोर्ट्स लैब’ में *‘खेलो बीकानेर क्लब’* का शुभारंभ किया गया।
निशा लिम्बा ने बताया कि क्लब का उद्देश्य बीकानेर के हर मोहल्ले और क्षेत्र के बच्चों एवं युवाओं को खेलों तथा फिटनेस गतिविधियों से जोड़ना और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाना है। संस्था का प्रयास है कि खेल बीकानेर की पहचान बनें और शहर का अधिक से अधिक युवा वर्ग खेलों को अपनाए।
दिशोदय स्पोर्ट्स फाउंडेशन के वरिष्ठ निदेशक उमाशंकर लिम्बा ने बताया कि ‘संडे स्पोर्ट्स लैब’ के माध्यम से प्रत्येक रविवार खेल, व्यायाम, फिटनेस और टीम भावना से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। साथ ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन देकर जिला, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संस्था ने ‘मिशन 2036 – खेल के मैदान से ओलंपिक पोडियम तक’ का लक्ष्य रखा है। इसके तहत बीकानेर की खेल प्रतिभाओं को निखारने और भविष्य में ओलंपिक स्तर के खिलाड़ी तैयार करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएँगे।
इस अवसर पर रवि जी भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर संडे स्पोर्ट्स लैब की गतिविधियाँ देखीं, जिसके बाद वे इससे जुड़ने के लिए प्रेरित हुए। वे पिछले चार-पाँच रविवार से नियमित रूप से इसमें भाग ले रहे हैं। इस रविवार उन्होंने गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
डीएसएफ टीम ने शहरवासियों, अभिभावकों, स्कूलों और खेल प्रेमियों से इस मुहिम से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि *‘खेलो बीकानेर, आगे बढ़े बीकानेर!’* के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। टीम में हिताशा, रुद्राक्ष, निशा, कुसुम, कोमल, रामनिवास, अभिषेक, निहाल, यश, रिशिता, भव्य, तनिष्क, हीरल सहित डीएसएफ टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
क्लब का ध्येय वाक्य है— *“अपना शहर, अपना खेल, अपनी पहचान” और “नशे को ना, खेलों को हाँ!”*

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