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धोबहट घाट पर 50 हजार मत्स्य अंगुलिकाओं का नदी में संचय
रिवर रैंचिंग से बढ़ेगी मत्स्य संपदा, मछुआ समुदाय को मिलेगा आर्थिक लाभ

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती 24 अक्टूबर 2026 उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नदियों में मत्स्य संपदा बढ़ाने, जलीय पर्यावरण संरक्षण और मछुआ समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल के तहत शनिवार को टाण्डा पुल के समीप सरयू/घाघरा नदी के धोबहट घाट पर रिवर रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद को आवंटित लक्ष्य के अनुरूप 50 हजार उन्नत देशी मत्स्य अंगुलिकाओं का नदी में संचय किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में विधायक हर्रैया के प्रतिनिधि सरोज मिश्रा, उप निदेशक मत्स्य राजेश कुमार श्रीवास्तव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य पालक विकास अभिकरण संदीप कुमार वर्मा ,उप प्रबंधक मत्स्य शिवाजी कन्नौजिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष अशोक निषाद, दीपू निषाद, धर्मराज निषाद, पार्टी पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम सभा के प्रशासक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं मछुआ समुदाय के लोगों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य पालक विकास अभिकरण संदीप कुमार व ने बताया कि प्रदेश सरकार ने नदियों में मत्स्य संपदा के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से वर्ष 2020-21 में 12 जनपदों में रिवर रैंचिंग कार्यक्रम की शुरुआत की थी। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जनपदों की स्थानीय नदियों तक किया गया है। इसका उद्देश्य नदियों में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर विकसित करना है।
वक्ताओं ने कहा कि सरयू नदी और उसकी सहायक जलधाराओं में रोहू, कतला और नैन जैसी प्रमुख देशी मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नदियों में मत्स्य अंगुलिकाओं के संचय से प्राकृतिक मत्स्य संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
नदी में मछलियों की उपलब्धता बढ़ने से मत्स्य आखेट से जुड़े लोगों की आजीविका को मजबूती मिलेगी। मत्स्य जीवी सहकारी समितियों के माध्यम से मत्स्य आखेट संबंधी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहन मिलने से मछुआ परिवारों की आय में वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इसके साथ ही मत्स्य संसाधनों के बेहतर उपयोग से शासन के राजस्व में वृद्धि हो सकती है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने रिवर रैंचिंग पहल की सराहना करते हुए इसे पारंपरिक मछुआ समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने तथा लोगों को पौष्टिक प्रोटीनयुक्त आहार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।कार्यक्रम का संचालन मस्त्य निरीक्षक विजय मिश्रा द्वारा किया गया

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