पढ़ने की उम्र में बच्चों को बनाया जा रहा मजदूर
पैसों की चाहत में बर्बाद कर रहे भावी पीढ़ी का भविष्य

हरदोई से अजय कुमार की रिपोर्ट
माधौगंज (हरदोई)। विकास खण्ड के गांव सेंधरौली में जिम्मेदार अफसरों की अनदेखी की झलक दिखाई दे रही है। मनरेगा से लेकर अन्य विकास कार्यों में जॉब कार्डधारक वयस्कों के बजाय बड़े पैमाने पर कम उम्र के बालकों को बंधुआ मजदूर बनाया जा रहा है। ग्रामीणों की माने तो सरकारी कार्यों में बाल श्रमिकों की दस्तक गैरकानूनी मानी जाती है फिर भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नही दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव पंचायत भवन से गंगूपुरवा तक विकास कार्यों के तहत हो रहे कार्यों में बेहिचक बालक काम करते देखे जा सकते हैं। दो दिन पहले कन्हैयालाल पुत्र मिश्रीलाल,अंकित पुत्र विनोद, समीर पुत्र चन्दन, विवेक पुत्र अखिलेश, निखिल पुत्र भगवानदास, सचिन पुत्र राजेश जिनकी उम्र 18 वर्ष से भी कम है। हांथों में फावड़ा लिए मिट्टी की खुदाई से लेकर अन्य कार्यों में जुटे हुए दिखाई दिए। मामले के सम्बन्ध में ब्लॉक कार्यालय से जुड़े जिम्मेदार अफसरों के संज्ञान में लाया जा चुका है पर कोई ठोस कदम नही उठाया गया है। ताज्जुब यह है कि पढ़ाई-लिखाई की उम्र में उनके हांथों में किताबों की जगह फावड़ा पकड़ाया जाता है। जिससे उनके जीवन के सपने ध्वस्त किए जा रहे फिर भी कोई भी अधिकारी ध्यान देना मुनासिब नही समझ रहा है।

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