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सीमा क्षेत्र के लोगों के लिए भारतीय सेना का बड़ा स्वास्थ्य अभियान, बलनोई में मेगा मेडिकल आउटरीच कैंप आयोजित

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार, पुंछ
मेंढर (बलनोई), पुंछ | 13 जून 2026
सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए भारतीय सेना ने शुक्रवार को पुंछ जिले के बलनोई बेस में दिवा इंटरनेशनल फाउंडेशन और आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (ALIMCO) के सहयोग से एक विशाल मेडिकल आउटरीच एवं सामुदायिक कल्याण शिविर का आयोजन किया।
इस मानवतावादी पहल का उद्देश्य नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट स्थित दूरदराज़ गांवों के निवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना, दिव्यांगजनों को चिकित्सा सहायता प्रदान करना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को मजबूत करना था।
शिविर में आसपास के गांवों से लगभग 500 लोगों ने भाग लिया और विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम में दिवा इंटरनेशनल फाउंडेशन के अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने नेत्र रोग, आंतरिक चिकित्सा, स्त्री रोग एवं कैंसर संबंधी परामर्श और स्वास्थ्य परीक्षण किए।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अब्दुल अज़ीज़ चौधरी का जागरूकता व्याख्यान रहा। उन्होंने गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर सहित विभिन्न प्रकार के कैंसर की समय पर पहचान, रोकथाम और उपचार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं और स्थानीय नागरिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, प्रारंभिक लक्षणों को पहचानने और समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के दौरान दिव्यांगजनों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया गया। ALIMCO के माध्यम से लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में उनका आकलन एवं माप लिया गया था। यह पहल उनके जीवन की गुणवत्ता, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष चिकित्सा परामर्श एवं स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई। बुजुर्गों को आयु संबंधी बीमारियों के प्रबंधन और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण सलाह दी गई।
स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के सहयोग से एक आधुनिक टेलीमेडिसिन सुविधा का भी शुभारंभ किया गया। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग बिना लंबी दूरी तय किए विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे।
कार्यक्रम में स्थानीय बच्चों, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और समाज के विभिन्न वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनकी सहभागिता ने भारतीय सेना और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के बीच विश्वास, सहयोग और आपसी सम्मान के मजबूत संबंधों को प्रदर्शित किया।
स्थानीय लोगों ने भारतीय सेना और सहयोगी संस्थाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर न केवल स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करते हैं बल्कि कठिन परिस्थितियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षा और भरोसे का एहसास भी कराते हैं।
भारतीय सेना द्वारा आयोजित यह मेडिकल आउटरीच एवं सामुदायिक कल्याण शिविर एक बार फिर इस बात का प्रमाण है कि सेना केवल देश की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

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