
ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
बालोतरा | विद्यालय मीडिया प्रभारी एवं एकेडमिक कोऑर्डिनेटर अयूब के. सिलावट ने सपनों को पंख लग जाएं तो मंजिल दूर नहीं रहती। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है बालोतरा की बेटी आयशा पंवार ने। अमेरिका में अपना कड़ा पायलट प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर पहली बार अपने पैतृक शहर लौटने पर आयशा का शांति निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल (SNS) परिसर में ऐतिहासिक स्वागत और अभिनंदन किया गया।
*परंपरागत सम्मान और गौरवमयी उपस्थिति*
*गार्ड ऑफ ऑनर और आत्मीय स्वागत*
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की वाइस हेड गर्ल प्रशंसा रमन और वाइस हेड बॉय मयंक प्रजापत के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया गया।
शांति निकेतन स्कूल के प्रांगण में आयोजित इस भव्य ‘अभिनंदन समारोह’ में विशिष्ट अतिथि आयशा के पिता जेठाराम पंवार (व्यवसायी, सूरत), उनकी माताजी संतोष पवार, और वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर गहलोत के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय की प्रधानाचार्य ने आयशा को शेषे पहनाकर और स्मृति चिन्ह (Memento) भेंट कर सम्मानित किया।
*”सपनों का पीछा करना कभी न छोड़ें” – आयशा पंवार*
स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए पायलट आयशा भावुक हो उठीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा, *”सपनों से ही जीवन को दिशा मिलती है। हर बड़ी उपलब्धि एक छोटे से सपने से शुरू होती है।*
मैंने अमेरिका में प्रशिक्षण के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन मेहनत और धैर्य ने मुझे आज यहाँ पहुँचाया है। अपनी शिक्षा पर भरोसा रखें और अपने लक्ष्यों की ओर छोटे-छोटे कदम बढ़ाना जारी रखें।”
*प्रधानाचार्य का प्रेरक उद्बोधन*
इस अवसर पर प्राचार्या सुधा मदान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आयशा केवल अपने परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे बालोतरा शहर की शान हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने आयशा के संघर्ष और सफलता को विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए एक जीवंत मिसाल बताया।
*स्मृतियों में कैद हुआ ऐतिहासिक क्षण*
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और स्टाफ ने पायलट आयशा के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई। हर्षोल्लास के बीच हुए इस आयोजन ने पूरे शहर में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। आज बालोतरा की हर बेटी आयशा की इस उड़ान में अपना भविष्य देख रही है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन आरती गोयल द्वारा किया गया। आरती गोयल ने एक संक्षिप्त एवं प्रभावी प्रेरणादायक भाषण दिया। इसके पश्चात पायलट आयशा ने अपने संबोधन में अपनी शैक्षिक यात्रा के अनुभव साझा किए।
*स्वयंसेवकों का सहयोग और गौरवमयी समापन*
पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहयोग दिया l अग्नि हाउस के कप्तान देवेन्द्र गहलोत के नेतृत्व में खुशाल गहलोत और रोहित परिहार ने स्वयंसेवक (Volunteer) के रूप में व्यवस्थाओं को संभाला l
प्राचार्या सुधा मदान ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में आयशा को पूरे बालोतरा शहर का गौरव बताते हुए विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया

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