उत्तर प्रदेशदेशबस्तीब्रेकिंग न्यूज़शिक्षास्वास्थ्य

अष्टांग योग में ‘संतोष’ का महत्व: आत्मबल और परमानंद की ओर अग्रसर करता नियम – डॉ नवीन सिंह 

बस्ती से वेदान्त सिंह

 

बस्ती। अष्टांग योग के द्वितीय अंग ‘नियम’ के अंतर्गत संतोष के महत्व पर योगाचार्य डॉ. नवीन सिंह ने योग साधकों एवं योग प्रेमियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महर्षि पतंजलि के अनुसार अपनी इच्छाओं को नियंत्रित रखते हुए, अपने ज्ञान बल और शक्ति बल का पूर्ण प्रयोग करने के पश्चात प्राप्त परिणाम को ईश्वर की इच्छा मानकर मन में तृप्ति का भाव रखना ही संतोष कहलाता है।

डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि संतोष का अर्थ कदापि यह नहीं है कि व्यक्ति ज्ञान और सामर्थ्य होते हुए भी निष्क्रिय होकर बैठ जाए। ऐसा करना आलस्य और प्रमाद की श्रेणी में आता है, जो योग मार्ग के विपरीत है। महर्षि पतंजलि का संदेश है कि मनुष्य को अपनी पूरी शक्ति लगाकर कर्म करना चाहिए और उसके बाद जो परिणाम प्राप्त हो, उसे सहर्ष स्वीकार करते हुए मन को संतुलित रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संतोष के साथ-साथ अपने सामर्थ्य को निरंतर बढ़ाते रहना और आत्मोन्नति के लिए सतत प्रयास करते रहना आवश्यक है। यही संतोष का वास्तविक स्वरूप है, जो व्यक्ति को निराशा से बचाकर सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करता है। संतोष के अनुष्ठान से आत्मबल अनंत गुना बढ़ता है, ईश्वर पर विश्वास दृढ़ होता है और अंततः साधक को परमानंद की अनुभूति होती है।

योगाचार्य ने ऋषि वचन “संतोषम् परमं सुखम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि संतोष ही परम सुख का आधार है, जो जीवन में शांति, स्थिरता और आनंद प्रदान करता है। यह नियम व्यक्ति को भौतिक और आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर संतुलन सिखाता है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. नवीन सिंह ने बताया कि अष्टांग योग के नियम विभाग के अंतर्गत आगामी सत्र में तीसरे विभाग ‘तप’ पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, जिसके लिए योग साधकों से पुनः जुड़ने का आह्वान किया गया।

पतंजलि योग पीठ हरिद्वार, यूनिट बस्ती

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

Related Articles

Back to top button