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मेंढर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकने का आरोप, पीडीपी नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार, पुंछ
मेंढर, 5 अगस्त 2026। जम्मू-कश्मीर के मेंढर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने जिला प्रशासन और पुलिस पर शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रदर्शन को रोकने तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताया।
पीडीपी के अनुसार, पार्टी ने अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली की मांग को लेकर जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट मोहम्मद राशिद कुरैशी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी। पार्टी का कहना है कि प्रस्तावित कार्यक्रम की पूर्व सूचना लिखित रूप से जिला प्रशासन को दी गई थी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति भी मांगी गई थी।
पार्टी के मुताबिक, बुधवार सुबह जब नेता और कार्यकर्ता मेंढर के डाक बंगले पर एकत्र हुए तो पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया। इसके चलते निर्धारित प्रदर्शन और जनसभा आयोजित नहीं हो सकी।
पीडीपी ने बताया कि हिरासत में लिए गए नेताओं में एडवोकेट मोहम्मद राशिद कुरैशी (महासचिव), खुर्शीद अहमद (जोनल अध्यक्ष), एडवोकेट फरीद चौधरी, फरीद मीर, शौकत साहिब सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे।
पार्टी का कहना है कि प्रस्तावित कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक था तथा इसका उद्देश्य केवल अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली की मांग को शांतिपूर्ण ढंग से उठाना था। पीडीपी ने दावा किया कि प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था भंग करने या आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।
एडवोकेट फरीद चौधरी ने प्रशासन की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि पूर्व सूचना देने के बावजूद शांतिपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण सभा और राजनीतिक अभिव्यक्ति संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार हैं और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इनका सम्मान किया जाना चाहिए।
पीडीपी नेताओं ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता पूरे अनुशासन और संयम के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए थे, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया गया। पार्टी ने इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा बनाए गए शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल की सराहना करते हुए कहा कि वह आगे भी अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए केवल लोकतांत्रिक, संवैधानिक और अहिंसक तरीकों का ही सहारा लेगी।
पार्टी ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों के साथ निष्पक्ष, पारदर्शी और संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप व्यवहार किया जाए। साथ ही पीडीपी ने दोहराया कि वह जनता के मुद्दों और अपने राजनीतिक एजेंडे को कानूनसम्मत एवं शांतिपूर्ण तरीके से उठाती रहेगी।

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