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बालोतरा में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज’ अभियान की शुरुआत, छात्रों को साइबर अपराधों से बचाव की दी जा रही जानकारी

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
बालोतरा, 07 अप्रैल 2026। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार पूरे राज्य में ‘‘एम्पावरिंग राजस्थान: ए यूथ लीगल लिटरेसी इनिशिएटिव 2026’’ के तहत ‘‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज’’ नामक विशेष विधिक जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के खतरों, उनसे बचाव के उपायों और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोतरा के सचिव सिद्धार्थ दीप ने बताया कि अभियान का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश एम.आर. सुथार की अध्यक्षता में किया गया। पहले चरण में 07 अप्रैल को बालोतरा क्षेत्र के 11 सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए।
अभियान के तहत प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को स्कूलों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्रों की पढ़ाई और न्यायालय के नियमित कार्य प्रभावित न हों। इसके लिए न्यायिक अधिकारियों का रोस्टर तैयार किया गया है, जिसके अनुसार वे अलग-अलग विद्यालयों में जाकर छात्रों को विभिन्न कानूनी विषयों की जानकारी दे रहे हैं।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एम.आर. सुथार ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बालोतरा में छात्रों को संबोधित करते हुए साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और निजता के अधिकार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इसी क्रम में अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी विभिन्न विद्यालयों में जाकर छात्रों को जागरूक किया। इस दौरान पॉक्सो अधिनियम, नशा मुक्ति और अन्य सामाजिक-विधिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में “जूनियर लीगल लिटरेसी क्लब” का गठन अनिवार्य किया गया है। इस क्लब में प्रधानाचार्य, एक वरिष्ठ महिला शिक्षिका और दो छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे, ताकि विद्यालय स्तर पर विधिक जागरूकता को निरंतर बढ़ावा मिल सके।
इसके अलावा, छात्रों की समस्याओं के गोपनीय और त्वरित समाधान के लिए स्कूलों में “कोर्ट वाली दीदी” नाम से शिकायत/सुझाव पेटी भी लगाई गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से इन शिकायतों की समीक्षा कर उनका समाधान किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, न्यायालय कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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