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अब अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ आंदोलन की राह पर

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग

 

 जैसलमेर 6 अक्टूबर ,अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेश व्यापी आह्वान पर महासंघ के 11 सूत्रीय मांगपत्र पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं करने एवं संवादहीनता के विरोध मे महासंघ ने आंदोलन का निर्णय किया है।इस कड़ी मे आज जिला अध्यक्ष भंवरलाल गर्ग के नेतृत्व में मुख्यमंत्री एवं मुख्यसचिव के नाम का ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर जैसलमेर को सौंपा गया,

 महासंघ के जिला महामंत्री प्रकाश विश्नोई खारा ने बताया कि सरकार के द्वारा अधीनस्थ सेवाओं के कर्मचारियों के साथ दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं।

 अधीनस्थ सेवाओं के कर्मचारियों कि खेमराज समिति की रिपोर्ट के आधार पर ना हीं तो वेतन विसंगतियां दूर की गई है एवं ना ही पदोन्नति विसंगतियां दूर की जा रही है

अधीनस्थ सेवाओं के कर्मचारियों को पूरी सेवा काल में एक भी पदोन्नति का अवसर नहीं मिल रहा है। सरकार दो साल से कर्मचारी महासंघ से वार्ता नहीं कर रही है और अब महासंघ 8 लाख कर्मचारियों के हक के लिए

 महासंघ अब आंदोलन का राह अपनाएगा और सरकार को झुका के दम लेंगे।

महासंघ से सम्बद्ध एएनएम एल एच वी, पशुधन निरीक्षक, शारीरिक शिक्षा अध्यापक ग्रेड तृतीया, नर्सिंग ऑफिसर,ग्राम विकास अधिकारी, तृतीय श्रेणी अध्यापक,पटवारी, कनिष्ठ नर्सिंग कंपाउंडर(आयुर्वेद),कांस्टेबल, सूचना सहायक,कृषि पर्यवेक्षक, वनरक्षक,संगणक, वर्क चार्ज कर्मचारी एवं सहायक कर्मचारी आदि संवर्गों के मात्र 10 से 20% पदोन्नति के पद है जिससे इनकी प्रथम पदोन्नति भी 15 से 20 वर्ष में होती है तथा द्वितीय पदोन्नति तो बहुत ही कम कर्मचारियों की होती है। यह बहुत बड़ी पदोन्नति विसंगति है। प्रत्येक संवर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति के पांच अवसर उपलब्ध करवाये जाए या सहायक कर्मचारी सहित प्रत्येक कर्मचारी को पदोन्नति के पांच अवसर नहीं होने की स्थिति में 7, 14, 21, 28 एवं 32 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति पद का वेतनमान स्वीकृत किया जावे ।

इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों कि उदसीनता के कारण वर्षों से पदोन्नतियां भी लंबित है।

 शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी शिक्षकों एवं शारीरिक शिक्षकों , पशु पालन विभाग, पंचायती राज विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग,राजस्व विभाग,कृषि विभाग, आयुर्वेदिक चिकित्सा विभाग आदि में 4 से 5 पदोन्नति वर्षों की पदोन्नतियां लंबित है।

विभिन्न संवर्गों की पदनाम परिवर्तन की मांग पर सरकार द्वारा पिक एंड चूज की पॉलिसी अपनाई जा रही है जो न्यायोचित नहीं है, प्रत्येक संवर्ग की मांग पर व्यावहारिक एवं सम्मानजनक पदनाम परिवर्तन किये जाये। महासंघ के जिला अध्यक्ष भंवरलाल गर्ग ने बताया कि

प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू हो चुकी है अतः एनपीएस में काटे गए 53 हज़ार करोड रुपए जीपीएफ खातों में जमा करवाये जावे। वेतन विसंगति दूर करते हुए कार्मिकों का न्यूनतम वेतनमान 26 हज़ार निर्धारित करवाना एवं ग्रामीण क्षेत्र के कार्मिकों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत ग्रामीण भत्ता स्वीकृत करवाना महासंघ कि मुख्य मांग है।

  संविदा एवं आउटसोर्स पर नियुक्तियां बंद की जावे तथा सभी संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित किया जावे, समस्त विभागों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में रिक्त पदों को नियमित नियुक्तियों से भरा जावे ।समस्त विभागों के लिए पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करते हुए तृतीय श्रेणी शिक्षकों के वर्षों से लंबित स्थानांतरण किये जावे आरजीएचएस योजना में की जा रही कटौतियों को बंद किया जावे एवं योजना को मूल स्वरूप में पुनः लागू किया जावे।

ज्ञापन देते समय ए एन एम जिला अध्यक्ष निशाद परवीन, सहायक कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राम प्रताप सियाग, अविनाश कुमार , कल्याण सिंह, दुर्गाराम, मनोज कुमार, नथुसिंह, संजय कुमार श्रीमती संध्या नागर आदि उपस्थिति रहेl

Viyasmani Tripaathi

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