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राजयोग एवं आध्यात्मिक शिक्षा से होगा नशा मुक्त भारत – ब्रह्माकुमारी बहन जी

मध्य प्रदेश पन्ना
लोकेशन=पन्ना
ब्यूरो चीफ=सुधीर अग्रवाल
*राजयोग एवं आध्यात्मिक शिक्षा से होगा नशा मुक्त भारत – ब्रह्माकुमारी बहन जी*
*नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज़ में विशेष कार्यक्रम*
*अभियान के अंतर्गत विभिन्न गांवों एवं स्कूलों में दिया जा रहा व्यसनमुक्ति का संदेश*
ब्रह्माकुमारीज़ पन्ना द्वारा स्थानीय सेवाकेंद्र में *”विकसित भारत का मंत्र, भारत हो नशे से स्वतंत्र”* की वार्षिक थीम पर *’राजयोग एवं आध्यात्मिक शिक्षा से नशा मुक्त भारत’* नामक विषय पर एक कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान स्थानीय ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया एवं इस अभियान को आगे बढ़ते हुए विभिन्न स्कूलों, कॉलेज एवं गांवों इत्यादि स्थानों में व्यसनमुक्ति संदेश के साथ व्यसनमुक्ति की प्रतिज्ञा कराई जा रही है।
नशा मुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का एक प्रमुख कार्यक्रम है। आपको बता दें कि ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा नशा मुक्ति के बारे में जागरूकता पैदा करने एवं समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचने में ब्रह्माकुमारी संगठन के राष्ट्रव्यापी प्रयास को देखते हुए मंत्रालय द्वारा ब्रह्माकुमारीज़ के साथ MoU (समझौता ज्ञापन) साइन किया गया है। इस अभियान के अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष पर यह विशेष कार्यक्रम रखा गया है।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी सीता बहन जी ने कहा कि अनेक मानसिक रोगों के निदान में, व्यक्तिगत एवं सामाजिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में आध्यात्मिकता और जीवन शैली का महत्व दुनिया भर के विभिन्न शोधकर्ताओं के द्वारा बार-बार स्थापित किया गया है। राजयोगी जीवन शैली में आंतरिक अवांछित व्यवहार को खत्म करना और *मन की शांति की स्थिति को प्राप्त करना सिखाया* जाता है। एकाग्रता कोई वस्तु नहीं है बल्कि यह आत्मा का सकारात्मक आंतरिक गुण है। *प्रतिदिन उच्च चिंता स्तर* (Stress) जो कि व्यसन के पूर्व में होता है और *व्यसन के पुनः दोहराने* का एक *प्रमुख कारण* है, *राजयोग उसको कम करता* है। ध्यान (राजयोग मेडिटेशन) के अनुभवों से उत्पन्न शांति, खुशी और आनंद की प्राकृतिक अनुभूति *स्वयं में दृढ़ता एवं आत्मविश्वास पैदा करती* है। जो नशा को छोड़ने की हमारी इच्छा को प्रबलता प्रदान करती है। व्यसन मुक्त होने के लिए सर्वाधिक आवश्यकता है कि हमारे विचार स्वच्छ और शांत हों तथा हमारी बुद्धि स्वच्छ हो इसके लिए *मन को प्रशिक्षित* करने की आवश्यकता है, जिसमें *राजयोग ध्यान महत्वपूर्ण* भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प पत्र भरकर व्यसन छोड़ने की प्रतिज्ञा की तथा अभियान को आगे बढ़ाते हुए ककहरटी, गुनौर, पडेरी, मोहन्द्रा, सीएम राईस स्कूल पवई आदि स्थानों, गांवों एवं स्कूलों में नशा मुक्ति का संदेश दिया गया। इस मौके पर सेवाकेंद्र पर हुए कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग पन्ना से पधारे श्री राकेश अग्निहोत्री एवं श्री सुरेंद्र जी साइकोलॉजिस्ट ने भी अपने विचार व्यक्त किये एवं कार्यक्रम की सराहना की।

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