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वन नेशन वन इलेक्शन के चलते इसी साल चुनाव संभव: डा. अजय चौटाला

ब्यूरो चीफ सतीश कुमार महेंद्रगढ़ हरियाणा 

 

नारनौल। जिस तरह से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वन नेशन वन इलेक्शन के लिए विशेष सेशन बुलाया है, उससे लगता है कि अब मिशन-2024 नहीं, मिशन-2023 की तैयारी करनी होगी। देश में नवंबर में पांच राज्यों के होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ हो सकता है कि लोकसभा चुनाव भी करवा दिए जाएं। इसलिए पार्टी के सभी कार्यकर्ता अभी से कमर कस लें तथा दादरी रैली की तैयारी चुनाव की तरह से करें। यह विचार जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. अजय सिंह चौटाला ने सायंकाल को रेवाड़ी रोड स्थित सीएल फार्म में पार्टी कार्यकर्ताओं की मीटिंग लेते हुए वक्त किए। डा. चौटाला यहां 17 सितंबर को दादरी में पार्टी की लोकसभा स्तरीय होने वाली नव संकल्प रैली का यहां निमंत्रण देने आए हुए थे।
डा. अजय सिंह चौटाला ने अपने चिर-परिचित अंदाज में भाषण देते हुए कहा कि जब-जब प्रदेश में रैलियां हुई हैं, हमने अपने ही पिछले रिकार्ड को ध्वस्त करके नए रिकार्ड बनाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल पार्टी के स्थापना दिवस पर भिवानी में हमने जिस प्रकार लाखों की भीड़ जुटाई थी, उसी प्रकार दादरी में नया रिकार्ड बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस रैली के साथ ही मिशन-2024 शुरू हो गया है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने हिसाब से सक्रिय हो गए हैं और हमने भी सभी दस लोकसभा सीटों पर रैलियां करने का निर्णय किया हुआ है। सोनीपत एवं फरीदाबाद की रैलियां हो चुकी हैं तथा अब दादरी की बारी है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में जनशक्ति सबसे बड़ी ताकत होती है। इसमें सिरों की गिनती की जाती है तथा जिसके पास यह संख्या ज्यादा होती है, वह सर्वाधिक ताकतवर माना जाता है।
उन्होंने बगैर नाम लिए इनेलो पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हम अपनी ही पुरानी पार्टी से अलग हुए थे, तब हमने पार्टी के डंडे-झंडे से लेकर सबकुछ उनके पास छोड़ा था। तब हमने उनको 20 विधायक एवं 23 प्रतिशत वोट भी उनके पास छोड़ा था और हम केवल चौधरी देवीलाल की सोच को लेकर आगे बढ़े थे और नया घर बसाया था, लेकिन उन्होंने नौ माह में ही पुरानी पार्टी को धरातल से रसातल में पहुंचा दिया। 20 विधायक से एक विधायक पर आ गए तथा 23 प्रतिशत वोट से डेढ़ प्रतिशत वोट रह गया। दूसरी तरह हमारा होनहार नौजवान था, जिसने नौ माह में ही नया संगठन खड़ा करके न केवल तीन-तीन चुनाव झेले, बल्कि विधानसभा में दस विधायक भी लेकर गया तथा राजकाज में हिस्सेदारी भी ली। उन्होंने कहा कि राज में हिस्सेदारी होती है, तब ही लोगों के काम हो पाते हैं अन्यथा तो 40 विधायक लेकर साथ घूमते रहो, सब बेकार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अफसोस है कि वह सत्ता में भागेदारी होने के बावजूद जन भावना के अनुरूप काम नहीं कर पाए, क्योकि पहला कारण तो सत्ता में पूरी ताकत के साथ हिस्सेदारी नहीं रही। दूसरा कारण कोरोना महामारी आ गई और फिर किसान आंदोलन आड़े आ गया। उन्होंने कहा कि किसान के कानून केंद्र ने बनाए तथा उन पर हस्ताक्षर भी यहां के सांसदों ने किए, लेकिन इस्तीफा दुष्यंत चौटाला का मांगा गया। उन्होंने कहा कि दुष्यंत चौटाला ही नहीं, सभी दसों विधायक इस्तीफा देने को तैयार थे, बशर्ते उन कृषि कानूनों का समाधान हो जाता। उन्होंने कहा कि हरसिमरत कौर एवं अभय चौटाला इस्तीफा देकर देख चुके हैं, लेकिन राज में हिस्सेदारी होना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि जेजेपी चौधरी देवीलाल की नीति पर चलती आई है तथा जनता ने हमें ताकत दी है। जिसके बल पर हमने चुनाव में जो घोषणाएं की, उन्हें कानून बनवाया है। चाहे रोजगार में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी हो या बैकवर्ड क्लास को 8 प्रतिशत हिस्सेदारी हो, हमने दिलवाई हैं। राशन डिपुओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण दिलाया और स्कूल बसों में लड़कियों की फ्री यात्रा लागू करवाई है। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर फसल की 48 घंटे में एकमुश्त राशि दिलाकर किसानों को आर्थिक आजादी दिलवाई है। हरियाणा में हमारी बदौलत 14 फसलें एमएसपी में शामिल की गई हैं। यह सब सत्ता की ताकत के बलबूते पर हो पाया है। इसलिए सभी कार्यकर्ता कोई कोर-कसर न छोड़ें तथा अभी से चुनाव की तैयारी में लग जाएं। इस दौरान जो कमी रह गई हैं, उन्हें शेष बचे हुए कार्यकाल में पूरा करेंगे।
इस मौके पर जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने सबसे पहले संगठन में चुने गए नए पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा कहा पदाधिकारी मिलकर एक बूथ एक यौद्धा एवं एक सखी जल्दी से तैयार कर लें। उन्होंने यह कार्य बाढ़ड़ा एवं किलोई में सबसे पहले पूरा करने पर उन्हें बधाई दी तथा सभी विधानसभाओं में इसे जल्दी पूर करने को कहा।
कार्यकर्ता सम्मेलन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डा. मनीष शर्मा ने की। सम्मेलन में चेयरमैन राजेंद्र लितानी, कंवर सिंह कलवाड़ी, चेयरपर्सन कमलेश सैनी, तेजप्रकाश एडवोकेट, रमेश पालड़ी, सिकंदर गहली, सुविधा शास्त्री, भोजराज नांगतिहाड़ी, विरेंद्र बनिहाड़ी, कुलदीप कलवाड़ी, रविंद्र गागड़वास, सुरेश शास्त्री, विजयपाल एडवोकेट, सुमेर कांडा, संदीप भांखर, प्रमोद ताखर, बेदू राता, हरफूल मैनेजर, लक्की सरदार, सुलोचना ढिल्लो, अजय ढिल्लो, सुरेंद्र ढिल्लो, विजय छिलरो, संजीव तंवर, सचिन जिला पार्षद, मुन्नीपाल जिला पार्षद, धर्मपाल तोबड़ा, सुरेंद्र पटीकरा, सावित्री गुर्जर, धर्मबीर यादव, नवीन राव, महीपाल नंबरदार, जॉनी तंवर, बजरंग गुर्जर, दीपक यादव, रामकुमार मकसूसपुरिया, लीलाराम सरपंच, उर्मिला यादव, बिमला जांगड़ा, दयानंद यादव, बजरंग अग्रवाल, ओमप्रकाश सोनी, कुलदीप यादव, डा. राजकुमार, राजकुमार शोभापुर, बिरेंद्र घाटासेर, हिमांशु सैनी, इश्य कुमार, जसवंत हुडीना, नरेश निंबेहड़ा, संदीप माजरा, राजेश सैनी, सुमन कटारिया, सोनिया धनखड़, अमनदीप कौर, योगेश नीरपुर, कुलदीप यादव आदि समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।

Satish Kumar

Beauro Chief Mahendragarh Haryana

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