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भिवाड़ी प्रशासन ने रोका हरियाणा का पानी, नेशनल हाईवे पर मिट्टी डालकर हाईवे को किया बंद

सोना तावडू हाईवे हुआ जलमग्न , निगरानी के लिए लगाई पुलिस कर्मियों की ड्यूटी, भिवाड़ी प्रशासन के अधिकारी मामले की जानकारी नहीं होने की कह रहे बात

संवाददाता अरुण शर्मा भिवाड़ी

 

 भिवाड़ी बाईपास पर गत सात दिनों से चली आ रही गंदे पानी की समस्या के मामले में अब भिवाड़ी प्रशासन हरियाणा प्रशासन की तर्ज पर चल चुका है। जिस तरह से भिवाड़ी के कंपनियों के गंदे पानी को रोकने के लिए हरियाणा प्रशासन ने सीमा पर 4 फीट ऊंचा रैंप बना दिया और भिवाड़ी के पानी को रोक दिया इसी तरह अब भिवाड़ी प्रशासन ने भी एमपीएस स्कूल के पास लगती हुई राजस्थान सीमा में नेशनल हाईवे को मिटटी डलवा कर पूरी तरह से बंद कर दिया है जिससे हरियाणा के महेश्वरी का आने वाला गंदा पानी अब पूरी तरह से नेशनल हाईवे पर भर चुका है। जिससे हाईवे पर स्थित सैकड़ो दुकानों के सामने पानी भर गया है और दुकानों में आने-जाने का रास्ता भी बंद हो चुका है। हाईवे बंद होने से पूरा ट्रैफिक वन में हो चुका है राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वही हाईवे पर मिट्टी डालकर बंद करने के मामले में भिवाड़ी का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। सभी अधिकारी मिट्टी डालने की बात पर चुप हैं और सब का कहना यही है कि उनका या उनके विभाग का इस मामले में कोई लेना देना नहीं है।

हाईवे पर मिट्टी डालकर बंद करते समय पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे तो वही कुछ अधिकारियों को भी मौके पर खड़ा हुआ देखा गया फिलहाल प्रशासन ने इस पूरे मामले पर नजर बनाए रखने के लिए 3 से 4 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई हुई है ये पुलिसकर्मी हाईवे पर नजर बनाए हुए हैं और साथ ही यह देख रहे हैं की कभी कोई हाईवे पर डाली गई मिट्टी को हटाकर पानी को ना निकाल दे। जिस तरह से हरियाणा सीमा पर हरियाणा प्रशासन के द्वारा रैंप बनाकर पानी को रोक दिया और पूरा पानी भिवाड़ी की पोस कॉलोनी में भर चुका है इसी तरह अब भिवाड़ी प्रशासन ने हरियाणा प्रशासन की नाक में नकेल डालते हुए राजस्थान सीमा में सोहना तावडू नेशनल हाईवे को बंद कर दिया है। हरियाणा और राजस्थान प्रशासन की इस खींचातानी में आखिरकार नुकसान आम आदमी को ही उठाना पड़ रहा है वही भिवाड़ी प्रशासन कंपनियों से निकले हुए गंदे पानी पर सख्ती बरत रहा है और सभी कंपनियों को पानी न छोड़ने की हिदायत दे डाली है साथ ही सीईटीपी के द्वारा डाली गई पाइपलाइन में 31 अगस्त तक सभी कंपनियों को कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया है कनेक्शन नहीं लेने वाली कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के द्वारा कंपनियों के खिलाफ लिए गए इस कड़े फैसले पर विचार विमर्श करने के लिए शनिवार को औद्योगिक संगठन BIIA ने कहरानी स्थित अपने कार्यालय पर उद्योगपतियों की एक बैठक भी आयोजित की है जिसमें प्रशासन के द्वारा लिए गए निर्णय पर विस्तार से विचार वर्ष किया जाएगा।

वही नेशनल हाईवे पर मिट्टी डालकर बंद करने के मामले में बीड़ा सीईओ श्वेता चौहान, रीको आरएम ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा सहित नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि उनका इस मामले में कोई लेना-देना नहीं है ना तो उन्होंने हाईवे को मिट्टी डालकर बंद किया है और ना ही उनको इस मामले में कोई जानकारी है।

Viyasmani Tripaathi

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