कविताएं
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शमशान घाट पर रंग भरे होली की पूर्व संध्या पर ऐतिहासिक ठहाका हास्य महामूर्ख कवि सम्मेलन में उमडे लोग
बस्ती से वेदान्त सिंह बस्ती (वेदांत टाइम्स/बस्ती टाइम्स 24)। आत्म प्रशस्ति सेवा संस्थान उ.प्र. द्वारा कुंआनो नदी स्थित शमशान…
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कैसे कह दूँ कि मैं भूल गई तुझे – दर्दभरी हिंदी कविता
कैसे कह दूँ ✍️ लेखिका – Anjali Pandey मैं कैसे कह दूँ कि मैं भूल गई तुझे, जबकि ये बात…
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कविता: नसीब
रचना: अंजली पाण्डेय नसीब से बढ़कर जहाँ में कहाँ कुछ भी होता है, हसरतों के आगे सदा खड़ा…
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बाबा मुझको घर देना
✍️ अंजली पाण्डेय बाबा, मुझको घर देना, हाँ मुझको मेरा घर देना। ज़रा गौर से देखो मुझको, मैं हूँ…
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संत रविदास
*संत रविदास* सर्वधर्म समभाव समता के आधार रैदास संत। आध्यात्म तत्वदर्शी ब्रह्मज्ञानी मर्मज्ञ बल वंत।। छुआछूत पाखण्ड भेदभाव समूल किया…
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लाज़मी कदम
✍️ लेखिका: अंजली पाण्डेय जब भी मैं कभी ज़िंदा प्यार के बारे में सोचती हूँ, तो मुझे उस महिला…
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“यूपी दिवस 2026: हमारी पहचान, हमारी संस्कृति”
*यूपी दिवस* उमंग उल्लास उत्कर्ष बढ़ाता यूपी दिवस। तीर्थाटन पर्यटन को बढ़ाता यूपी दिवस।। समग्र मानवता को जोड़ता…
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अमर कहानी महाराणा प्रताप की
अमर कहानी महाराणा प्रताप की आओ तुमको बतलाता हूँ, अमर कहानी महाराणा की। चेतक जिसका प्यारा घोड़ा, क्षत्रिय राजपूत मस्ताना…
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वो इसलिए अच्छा लगता है
लेखिका: अंजली पाण्डेय जब-जब दिल ये पूछे, “वो तुम्हें कैसा लगता है?” हर बार यही दिल कहता है— “वो…
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“अकेलापन”
✍️ लेखिका: अंजली पाण्डेय कुछ इस कदर मैं ज़िंदगी में अकेली हो गई, तक़दीर मेरी उलझी हुई एक पहेली…
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