
ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग बालोतरा
जसोल –
15 नवंबर 2024 कार्तिक पूर्णिमा के दिन चौबीस घंटों तक नॉन स्टॉप 111किलोमीटर पैदल चलकर विराग मधुमालती द्वारा पर्यावरण के लिए भैरू दादा की भक्ति के माध्यम से इतिहास रचा गया। इसकी दखल इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने ली और रिकॉर्ड बुक में विराग मधुमालती का नाम दर्ज हुआ।
पर्यावरण संवर्धन और वृक्षारोपण करने हेतु गायक विराग मधुमालती की नवी मुंबई से राजस्थान नाकोड़ा जी की 1300 की पैदल पर्यावरण यात्रा ( ग्रीन वॉकेथोन ) 15 सितंबर से शुरू हो चुकी है। राष्ट्रीय ध्वज को अपने हाथो मे लेकर इस मिशन मे आगे बढ़ता हो तो जज्बा और भी बढ जाता है हाथ मे तिरंगा लिए बहुत जोश पैदा होता है, क्योकि तिरंगा हमारे देश की आन बान शान है जो हमारे दिलो मे हमेशा ही अमर होकर रहेगा। उन्होंने कहा आज तिरंगे के जज्बे से ही हमारे जवान सीमा पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करके रक्षा कर रहे है, हमे भी उनके और उनके परिवारो की सुरक्षा के लिए आगे आना होगा। उन्होंन कहा आज देश के अन्दर बढते प्रदूषण और उग्रवाद भ्रष्टाचार जैसी बिमारीयो से पृथ्वी के पर्यावरण को बचाने के लिए एक बड़ी नागरिक शक्ति के रूप मे एक बड़े मिशन को लेकर चल रहे है। उनकी पैदल पर्यावरण यात्रा दि. १२ दिसंबर को जसोल को पहुंची।
जसोल में अणुव्रत समिति के अध्यक्ष पारसमल गोलेच्छा, मन्त्री सफरुखान, कोषाध्यक्ष भीकमचंद छाजेड़, भंवरलाल भंसाली ( पुर्व सरपंच), जसोल सरपंच ईश्वरसिंह चौहान, बालोतरा प्रधान भगवतसिंह जसोल, स्कूल प्रधानाचार्य शशिबाला, पी टी आई कान्तीलाल , संचालन राजेन्द्रकुमार व्यास , आभार व्यक्त अणुव्रत समिति अध्यक्ष पारसमल गोलेच्छा ने किया , अध्यापकगण,अध्यापिकाओ, बालिकाओ, सुआदेवी भंसाली बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय जसोल सहित समस्त गणमान्य लोग उपस्तिथ थे।
पौधारोपण किया :-आदर्श विधा मन्दिर उच्च माध्यमिक विद्यालय माजीवाला के स्कूल प्रधानाचार्य दिनेशकुमार गौड, अध्यापकगण, विद्यार्थीगण, सेन्ट पोल रौनाड रोबो, अध्यापकगण, अध्यापिकाओ एवं बालक-बालिकाए स्कूल जसोल मे पौधारोपण किया गया। माता राणी भटियाणी के दर्शन कर रात में भिक्षु संध्या में उन्होंने श्रावकों को मंत्र मुग्धित कर दिया और साथ में पर्यावरण रक्षा का संकल्प दिलाया।
ये ज्ञात रहे कि आज दिन तक उन्होंने 52 हजार पौधों का रोपण किया है और यह सिलसिला उनका यूंही शुरू रहेगा। इस मिशन सेव मदर अर्थ द्वारा उनका 1 लाख पेड़ लगाने का प्रयास है। और जगह जगह भक्ति कर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए वो आगे बढ़ रहे है। उनके साथ उनकी पत्नी वंदना वानखड़े कदम से कदम मिलाकर उनका साथ दे रही है। और वे अपने टीम के साथ (शंभू पाल, मुकेश, सुरेंद्र, और रोशन ) आगे प्रस्थान कर रहे है। विश्वविक्रमी गायक विराग मधुमालती ने आज तक आपने भारत देश की शान में 5 बार संगीत क्षेत्र में जागतिक विश्वविक्रम ( GUINNESS WORLD RECORDS ) स्थापित कर देश को गौरांवित किया है। साथ ही आप प्लेब्लैक सिंगर, फिल्म प्रोडूसर, डायरेक्टर एवं लेखक भी है
आप 1998 से लगातार आय डोनेशन की जनजागृति के लिए तन, मन, धन अर्पित कर सक्रियता से कार्य कर रहे है। दिव्यांग व्यक्ति की व्यथा जानने के लिए आपने निसर्ग नियमों के विपरित जाकर अपनी जान की परवाह किए बिना 100 दिनों तक अपने आखों पर काली पट्टी बांध कर अंध व्यक्ति का जीवन व्यतीत किया और उस दौरान भी सैकड़ों कार्यक्रमों द्वारा लोगो को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। पर्यावरण रक्षा के लिए भी सक्रियता से कार्य कर रहे है, इसके चलते आपने आजीवन डिस्पोजेबल प्लास्टिक की बोतल से पानी पीने का त्याग किया है। जैन रत्न पुरस्कार, लोकमत गौरव, ग्लोबल सिटीजन अवॉर्ड, कर्मवीर अवॉर्ड (यूनेस्को यू. के. द्वारा) तथा अनेक पुरस्कारों से सम्मानित विराग मधुमालती का अपने अंतिम सांस तक मानवता के लिए एवं देश गौरव के लिए कार्य करने का संकल्प है। इस महान कार्य में उनके साथ मंजू मंगल, प्रभात लोढ़ा, मिराज ग्रुप अर्जुनजी सिंघवी, नितीन बोरवणकर (सी.ई.ओ. SEZ-JNPT ), राजेंद्र कोठारी, अमृतलाल खाटेड, सतीश टोटे, सुरेंद्र कोठारी, पुष्पा कटारिया, रोशनलाल मेहता, मघराज धाकड़, माणक धिंग, रिंपल, भावेश पारेख, गौरव मेहता, राहुल सोनावने, राजेंद्र बोलिया, अरविंद कोठारी, गणपत डागलिया, राजू सालवनकर ( JNPT ), महेंद्र चोरड़िया, मुकेश बडोला, चांदमल कछारा, सुनील राठौड़, राहुल औसेकर, लाडूलाल श्रीश्रीमाल, विजय संचेती, रमेश सोनी, मनोज जैन, नरेश सोनी, दिनेश पारेख, देवेंद्र लोढ़ा, अणुव्रत समिति जसोल, अणुव्रत विश्व भारती, सी.के. लाडला भैरू परिवार , लॉयंस क्लब आदि संस्थाओं का सहयोग मिल रहा हैं !

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