
ब्यूरो चीफ संतोष कुमार गर्ग बालोतरा राजस्थान
बालोतरा – तेरापंथ भवन में आचार्य श्री महाश्रमण के दीक्षा संयम पर्याय के 50वाँ वर्ष की संपन्नता और 51वाँ वर्ष की प्रारम्भता के दीक्षा दिवस को युवा दिवस के रूप में तेरापंथ भवन के अमृत सभागार में साध्वी रति प्रभाजी ठाणा 4 के सान्निध्य में मनाया गया।
सभामंत्री महेंद्र जी वेद ने बताया कार्यक्रम में साध्वी श्रीजी द्वारा नमस्कार मंत्र का उच्चारण किया गया।
मंगलाचरण कान्यमंडल ने किया साध्वी रति प्रभा जी ने कहा आचार्य श्री महाश्रमण जी का जीवन अद्भुत है अलौकिक हैं विलक्षण है अनुपमेय है तेरापंथ की यशस्वी परंपरा में आचार्य श्री महाश्रमण जी एक दिव्ययोगी के रूप में विख्यात हैं प्रख्यात हैं जिनका हर क्षण अप्रमत्ता का प्रतीक है जिनके विशुद्ध संयम पर्याय के 50 वर्ष की परिसंपत्ता के अवसर पर भेक्षव शासन ने अमृत महोत्सव मना कर अपने हृदय की कृतज्ञता प्रकट की है ऐसे महनीय पुरुष की कुशल अनुशासना लंबे समय तक मिलती रहे । ऐसी मंगल कामना साध्वी कलाप्रभा जी ने कहा संयम ज्ञात से अज्ञात की ओर प्रस्थान करना है मृत्यु से अमृत्व की ओर प्रस्थान करना है ज्ञेय से अज्ञेय की ओर प्रस्थान करना है ऐसी ही आचार्य महाश्रमण की उज्ज्वल साधना है साथ ही कविता के द्वारा गुरुदेव के गुणों और साधना का विवरण प्रस्तुत किया
साध्वी पावन प्रभाजी ने कुशल आचार्य महाश्रमणजी की विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा आचार्य प्रवर शांत,सरल,विनम्र,मधुर आदि के धनी है जिनकी साधना उत्कृष्ट है
सभा और युवकों द्वारा सुमधुर गीतिका प्रस्तुत की गई
मुमुक्षु शेफाली मुमुक्षु रक्षा मुमुक्षु साधना इन तीन बहनों ने गीतिका के द्वारा गुरुदेव आचार्य महाश्रमण जी को अपनी भावना व्यक्त की
महिला मंडल अध्यक्ष निर्मला जी संकलेचा ने अपने विचार रखें महिला मंडल की बहनों ने सु मधुर काव्यांजलि के द्वारा अपनी आस्था व्यक्त की।
सुश्री ऋषि चोपड़ा ने अपनी मधुर वाणी से गीत के द्वारा अभिवंद्ना की
अंतिम में सभी ने संघगान किया
कार्यक्रम का कुशल संचालन साध्वी मनोग्य यशाजी ने किया



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