अपराधब्रेकिंग न्यूज़महेंद्रगढ़स्वास्थ्यहरियाणा
महिला चिकित्सा अधिकारी के उत्पीड़न का मामला नहीं किया पुलिस ने दर्ज – विभिन्न संगठनों ने पुलिस की कार्यशैली पर जताया रोष
विभिन्न संगठनों की मांग पर पुलिस अधीक्षक ने दिया आज ही आरोपियों को गिरफतार करने का आश्वासन महिला चिकित्सा अधिकारी के साथ मारपीट व अश्लील हरकतें कर अपमानित करने का है मामला

ब्यूरो चीफ सतीश कुमार महेंद्रगढ़ हरियाणा
नारनौल 03 मई
सिविल अस्पताल नारनौल में कार्यरत अनुसूचित जाति की महिला चिकित्सा अधिकारी के साथ गत 12 दिन पूर्व मारपीट, अभद्र व्यवहार, जान से मारने की धमकी, अश्लील हरकतें, जातिसूचक व अपशब्दों का प्रयोग करने के संगीन मामले में आज तक प्राथमिकी दर्ज ना करने पर विभिन्न संगठनों ने पुलिस की भेदभावपूर्ण व अव्यवहारिक कार्यशैली की रोषस्वरूप कड़ी भर्त्सना की है और सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के तत्वावधान में सभी संगठन लघु सचिवालय में एकत्रित होकर समिति के प्रधान चन्दन सिंह जालवान, महासचिव एवं कबीर सामाजिक उत्थान संस्था दिल्ली के प्रमुख सलाहकार बिरदी चंद गोठवाल, सैनी सभा के प्रधान बिशन कुमार सैनी, हरियाणा आवाज फाउंडेशन के उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्राचार्य डॉ शिवताज सिंह, अखिल भारतीय आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष लाला राम नाहर, भारतीय कुम्हार महासभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव किशनलाल लुहानीवाल, जांगिड़ समाज के प्रमुख समाजसेवी चेयरमैन सुरेश बौद्ध, धानक समाज के प्रमुख समाजसेवी व पूर्व डीजीएम महेंद्र खन्ना, हरियाणा प्रदेश चमार महासभा के हजारीलाल खटावला, संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष एवं वाल्मीकि समाज के राजेश चांवरिया व करतार सिंह जैदिया, भारतीय बंजारा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार , भारतीय सामाजिक परिवर्तन संघ के सुमेर सिंह गोठवाल, गुरु रविदास महासभा के प्यारेलाल चवन आदि अनेक संस्थाओं ने संयुक्त हस्ताक्षरित ज्ञापन पुलिस अधीक्षक को सौंप कर मांग की है कि महिला उत्पीड़न के संगीन मामले में शामिल आरोपी केशवनगर, नारनौल निवासी अतीश, राजेश, चक्रवर्ती और इनके परिजनों के खिलाफ तुरंत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए । मौके पर पुलिस अधीक्षक द्वारा कड़ा संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया कि आज आरोपियों को गिरफतार कर लिया जाएगा। सभी संगठनों ने रोषस्वरूप खेद प्रकट करते हुए कहा कि 21 अप्रैल को हुई इस दर्दनाक घटना में 12 दिन बीत जाने के बाद भी महिला उत्पीड़न मामले में एफआईआर दर्ज ना होना पुलिस विभाग की अव्यवहारिक कार्यशैली स्पष्ट रूप से संदेह के घेरे में आती है और मामले में अब तक कार्रवाई ना होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। आज पीड़िता का परिवार पूर्णतया भयभीत है । ऐसे हालात में आरोपी कभी भी अनहोनी घटना को अंजाम दे सकते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा मात्र दिखावा रह गया हैं । सभी संगठनों ने यह भी निर्णय लिया कि पुलिस अधीक्षक द्वारा कड़ा संज्ञान लेने के बावजूद भी मामले में ढ़िलाई बरती गई तो न्याय के लिए सभी संगठन धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। अतः पुलिस विभाग इस संगीन घटना को तत्परता से लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें ताकि भविष्य में महिलाओं के साथ इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो ।
इस अवसर पर हरिराम सिरोहा, सुमेर सिंह चौहान, शेर सिंह, अमरनाथ सिरोहा, संतलाल, योगेन्द्र यादव, राजेश कुमार, विक्रम कुमार, हिमांशु, प्रेम, सरोज, लक्ष्मी, दीप सिंह, दलबीर सिंह, प्रधान प्रभु दयाल, दयानंद सांवरिया, गुगनराम सिरोहा, जगदीश सैनी आदि अनेक लोग उपस्थित रहे।
Subscribe to my channel


