नारनौल। सांस्कृतिक अहीरवाल की स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सत्यव्रत शास्त्री ने कहा की सांस्कृतिक अहीरवाल के बीते चार वर्ष बेमिसाल रहे हैं। किसी भी संगठन के चार साल कोई बहुत लंबा समय नहीं होता विशेष कर सामाजिक कार्यों के लिए ।लेकिन जिस दृढ़ संकल्प से संगठन से जुड़े लोगों ने कार्य किया है उसने उसके कार्यकाल को बेमिसाल बना दिया। आज अहीरवाल के संपूर्ण क्षेत्र में संगठन से जुड़े लोग कार्य कर रहे हैं संपूर्ण अहीरवाल के 8 सरकारी जिले कह सकते हैं जिसमें राजस्थान के चार जिले झुंझुनू ,नीमकाथाना, कोटपूतली बहरोड, तिजारा खैरथल, हरियाणा के महेंद्रगढ़, गुरुग्राम ,रेवाड़ी और दिल्ली का पश्चिमी दिल्ली जिला ।इन सब से मिलकर अहीरवाल क्षेत्र बनता है इस संपूर्ण क्षेत्र में जिला और ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ता और कार्य विद्यमान है। इस संपूर्ण क्षेत्र में लगभग 2400 गांव है दो नगर निगम दो नगर परिषद 13 नगर पालिका और 35 पंचायत समितियां है। इनमें से सभी नगर और पंचायत समितियां की इकाई गठित है और 1400 गांवों में समिति गठित है और इनका इतिहास लेखन का काम पूरा होना अपने आप में एक बड़ा कार्य है। एक नाम देना एक नाम से स्वीकृति होना और एक नाम की मान्यता होना यह बड़ी बात थी ।जिसे समाज और विशेष कर मीडिया ने स्वीकार किया है ।पर्यावरण के क्षेत्र में 1000 लोगों को मचं से सम्मानित करने का काम संगठन ने किया है आने वाले समय में शेष बच्चे 1000 गांव का इतिहास लेखन ,पर्यावरण के प्रति निष्ठा रखने वाले लोगों का सम्मान और अहीरवाल की पगड़ी का निर्धारण करना बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। कार्यकर्ताओं के उत्साह और समर्पण भाव से यह सब काम समय बाद ढंग से पूरे होंगे यह प्रतीत होता है आज हरियाणा के अहीरवाल क्षेत्र के साथ-साथ राजस्थान के क्षेत्र को भी अहीरवाल का नाम देना लोगों के लिए एक बड़ा संकल्प है इस अवसर पर सत्यव्रत शास्त्री ने कहा हर वर्ष वर्ष प्रतिपदा के दिन कार्यकर्ताओं के लिए दायित्व और उनके लिए कार्य तय किया जाता है संवत् 2081 के लिए भी कार्यकर्ताओं के लिए और समाज के लिए लक्ष्य किए गए हैं समयबद्ध ढंग से कार्य करने से कार्य की गति तेज हो चली है बहुत जल्दी ही संपूर्ण अहीरवाल क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से देश में अलग मान्यता लेता दिखाई देगा ।जिस प्रकार से देश के अन्य सांस्कृतिक राज्य अपनी समृद्ध परंपराओं इतिहास और रीति रिवाज के लिए जाने पहचाने जाते हैं इसी प्रकार की पहचान अहीरवाल में भी दिखाई देगी ।4 साल के कालखंड में एक लाख लोगों तक संगठन ने अपनी पहुंच बनाई है हजारों व्यक्ति इस सांस्कृतिक अहीरवाल की समृद्ध परंपराओं को विश्व व्यापी बनाने के लिए चिंतन करने में लगे रहते हैं ।आज के कार्यक्रम में डॉ रामनिवास यादव ने यज्ञ के ब्रह्मा के रूप में समय दिया राजेश शास्त्री ने पुरोहित के रूप में यज्ञ संपन्न करवाया ।नारनौल स्थित कार्यालय में सी मा नारनौल नगर और नारनौल ग्रामीण के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिसमें ओम प्रकाश यादव जाखनी ,बाबू राजकुमार जी हाजीपुर ,सावंत सिंह जी गोद, शीशपाल यादव बदोपुर ,नरेश सरपंच सीहमा, हरीश चैयरमैन लहरोदा ,राजवीर सरपंच शहरपुर श्री कृष्ण पूर्व सरपंच सज्जन सिंह शहरपुर नसीबपुर ,ओम प्रकाश छपडा मुख्य अध्यापक अटाली, जीत पाल जी अटाली इन्द्रजीत सरपंच खामपुरा,मनुपाल अटाली, डाक्टर राजपाल फैजाबाद सतपाल जी जे ई रामचंद्र जी पुरानी मंडी,प्रवीण फैजाबाद उपस्थित रहे।