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नेपाल में भारतीय नागरिकों की कानूनी सहायता के लिए डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा का तीन वर्ष के लिए मनोनयन
भारतीय दूतावास से संबंधित मनोनयन की सूचना, भारत-नेपाल के मैत्रीपूर्ण और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में करेंगे कार्य

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
जयपुर, राजस्थान। राजस्थान के टोंक जिले के निवासी एवं अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच के संयोजक तथा ईस्ट-वेस्ट लॉ फर्म, काठमांडू (नेपाल) से जुड़े अधिवक्ता डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा ने नेपाल में भारतीय नागरिकों को कानूनी सहायता एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए तीन वर्ष की अवधि हेतु अपना मनोनयन किए जाने की जानकारी दी है।
डॉ. शर्मा के अनुसार, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव एवं अताशे (कांसुलर) श्री नवयोद योबिन के माध्यम से दूतावास के पंजीकरण क्रमांक 10019/2026, दिनांक 6 अक्टूबर 2026 से संबंधित मनोनयन की सूचना उन्हें प्रेषित की गई है।
सात वर्षों से भारतीय नागरिकों की कानूनी सहायता के लिए सक्रिय
डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा ने बताया कि वे पिछले सात वर्षों से अधिक समय से नेपाल आने वाले भारतीय नागरिकों तथा वहां अस्थायी रूप से निवास करने वाले भारतीयों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने संबंधी कार्ययोजनाओं से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में नेपाल के पूर्व प्रेस परिषद अध्यक्ष एवं सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बोर्ण बहादुर कार्की, नेपाल सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति गिरीश चन्द्र लाल तथा नेपाल उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति लोकेन्द्र मलिक के मार्गदर्शन एवं सान्निध्य में कार्य करने का अवसर मिला है।
नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति द्वारा भी किया गया मनोनीत
डॉ. शर्मा के अनुसार, नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति माननीय न्यायमूर्ति परमानन्द झा द्वारा भी उन्हें राजनीतिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में विशिष्ट सलाहकार के रूप में मनोनीत किया गया है।
मनोनयन पर शुभचिंतकों ने दी बधाई
तीन वर्ष के लिए मनोनयन की सूचना मिलने के बाद अनेक भारतीय नागरिकों, परिचितों एवं शुभचिंतकों ने डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा को फोन के माध्यम से बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर डॉ. शर्मा ने कहा कि उनका प्रमुख उद्देश्य नेपाल में रहने वाले तथा वहां आने-जाने वाले भारतीय नागरिकों को आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि वे भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक मैत्रीपूर्ण संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ दोनों देशों के सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

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