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गांधी जयंती पर बस्ती में POCSO जागरूकता रैली, सैकड़ों स्कूली बच्चों ने लिया हिस्सा

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती, 2 अक्टूबर 2026। गांधी जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश शमसुल हक के मार्गदर्शन में बच्चों को पाक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के द्वितीय चरण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती के तत्वावधान में स्कूली बच्चों की प्रभात फेरी एवं जागरूकता रैली निकाली गई।
इससे पूर्व अभियान के प्रथम चरण में जिले के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों ने पहुंचकर बच्चों को पाक्सो कानून के प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों तथा सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान सुश्री आभा रानी, श्रीमती सत्यभामा कौशिकी, पीयूष कुमार, आशुतोष शुक्ला, तनय आकाश, सुश्री यशी पाण्डेय, श्रेयांश श्रीवास्तव एवं श्रीमती स्नेहिल श्रीवास्तव सहित न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को जागरूक किया।
अभियान के नोडल अधिकारी अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम अनिल कुमार-XIV तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव देवेंद्र कुमार-प्रथम ने विद्यालयों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जागरूकता अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नारों के साथ निकली जागरूकता रैली
द्वितीय चरण में आयोजित प्रभात फेरी में सैकड़ों स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बच्चों ने “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित कल”, “पाक्सो कानून सबसे सफल”, “पाक्सो कानून का एक ही नारा, सुरक्षित रहे बचपन हमारा” और “चुप रहना भूल जाओ, पाक्सो कानून अपनाओ” जैसे नारों के माध्यम से आम लोगों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
जनपद न्यायाधीश शमसुल हक ने रैली को हरी झंडी दिखाकर जनपद न्यायालय परिसर से रवाना किया। प्रभात फेरी न्यायालय परिसर से कचहरी चौराहा, लाल बहादुर चौक और कम्पनी बाग होते हुए बेगम खैर इंटर कॉलेज पहुंचकर संपन्न हुई।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर जनपद न्यायाधीश ने दिया संदेश
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश शमसुल हक ने बच्चों के सुरक्षित बचपन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और बच्चों के प्रति किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने पाक्सो कानून को बच्चों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कानून बताते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के प्रति होने वाली यौन हिंसा एवं उत्पीड़न को रोकने में यह कानून महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि जन-जागरूकता के माध्यम से समाज में चेतना पैदा करना भी है। उन्होंने जागरूक नागरिकों से पाक्सो कानून के प्रावधानों का प्रचार-प्रसार जन आंदोलन के रूप में करने का आह्वान किया।
इन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
प्रभात फेरी में शिवहर्ष किसान इंटर कॉलेज, बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज, खैर इंटर कॉलेज, गोविन्द राम सक्सेरिया इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पराविधिक स्वयंसेवक भी प्रभात फेरी में शामिल रहे।
कार्यक्रम में प्रथम अपर जिला जज कमलेश कुमार, अपर जिला जज (एससी/एसटी एक्ट) राम करन यादव, द्वितीय अपर जिला जज जितेन्द्र गुप्ता, अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अनिल कुमार-XIV, अपर जिला जज (ईसी एक्ट) प्रमोद कुमार गिरि, अपर जिला जज/एफटीसी विराट शिरोमणि, अपर जिला जज/एफटीसी श्रीमती मीनाक्षी सोनकर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप, सिविल जज (सीडी) श्रीमती साबिहा खातून, प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राज बाबू सहित अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक संजय सिंह, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के सदस्य, जिला शासकीय अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक एवं कर्मचारीगण ने कार्यक्रम में सहभागिता कर सहयोग प्रदान किया।
इस जागरूकता अभियान के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आम लोगों से भी बाल यौन हिंसा के विरुद्ध सतर्क रहने और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

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