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बालोतरा में पेट्रोकेमिकल उद्योगों की संभावनाओं पर विशेष कार्यशाला आयोजित

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग

 

*जिला कलक्टर श्री सुशील कुमार यादव ने उद्यमियों से टेक्सटाइल के साथ पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाशने का किया आह्वान*

*राजस्थान पेट्रो जोन में नए उद्योगों की स्थापना, औद्योगिक विविधीकरण और रोजगार सृजन पर हुआ मंथन, करीब 100 उद्यमियों ने लिया भाग*

बालोतरा, 02 अक्टूबर। बालोतरा जिले में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने तथा टेक्सटाइल उद्योग के साथ पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से औद्योगिक क्षेत्र बोरावास-कलावा (राजस्थान पेट्रो जोन) में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। जिला प्रशासन के सानिध्य में रीको, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) एवं एचआरआरएल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में प्रथम चरण के आवंटित एवं इच्छुक उद्यमियों सहित करीब 100 उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला में पेट्रोकेमिकल उद्योगों की संभावनाओं, एचआरआरएल से उपलब्ध उप-उत्पादों, उनकी गुणवत्ता एवं उपलब्धता, खरीद प्रक्रिया, संभावित डाउनस्ट्रीम उद्योगों, संयंत्र एवं मशीनरी, तकनीकी आवश्यकताओं तथा औद्योगिक समन्वय से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य उद्यमियों को पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश के अवसरों से अवगत कराना और नए उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना रहा।

*टेक्सटाइल के साथ पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश करें उद्यमी – जिला कलक्टर*

कार्यशाला में जिला कलक्टर श्री सुशील कुमार यादव ने बालोतरा जिले में पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों के विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए उद्यमियों से अपने वर्तमान टेक्सटाइल कारोबार के साथ पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को भी तलाशने का आह्वान किया। उन्होनेे कहा कि बालोतरा की औद्योगिक पहचान मुख्य रूप से टेक्सटाइल उद्योग से जुड़ी रही है, लेकिन अब औद्योगिक गतिविधियों में विविधता लाने और नए क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर उद्यमी नए उद्योग स्थापित कर सकते हैं। इससे जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं। उन्होंने उद्यमियों से उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं, तकनीकी जानकारी और संबंधित संस्थानों के मार्गदर्शन का लाभ उठाते हुए पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

*एचपीसीएल अधिकारियों ने उप-उत्पादों और डाउनस्ट्रीम उद्योगों की दी जानकारी*

कार्यशाला में एचपीसीएल की ओर से पेट्रोकेमिकल विभाग के प्रमुख सोगाता चौधरी, मुख्य महाप्रबंधक नवीन कुमार, अर्णब दास एवं राजर्षि रॉय उपस्थित रहे। अधिकारियों ने एचआरआरएल से उपलब्ध उप-उत्पादों की प्रकृति, गुणवत्ता, उपलब्धता तथा उनकी खरीद के लिए निर्धारित प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपलब्ध उप-उत्पादों के आधार पर विभिन्न प्रकार के डाउनस्ट्रीम उद्योगों की संभावनाओं का आकलन किया जा सकता है। उद्यमियों को इन उत्पादों के औद्योगिक उपयोग, संभावित व्यावसायिक अवसरों और उद्योग स्थापना से जुड़े पहलुओं की जानकारी प्रदान की गई, ताकि वे निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले आवश्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक जानकारी प्राप्त कर सकें।

*संयंत्र एवं मशीनरी की तकनीकी आवश्यकताओं पर चर्चा*

विंडसर मशीन की ओर से विकास देव एवं उनकी टीम ने कार्यशाला में भाग लिया। उन्होंने पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक संयंत्र एवं मशीनरी, तकनीकी जरूरतों और मशीनरी के चयन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उद्यमियों को उद्योग की प्रकृति के अनुरूप मशीनरी एवं तकनीकी व्यवस्थाओं के संबंध में मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार संबंधित गैस कंपनी के जनरल मैनेजर के.पी. राधाकृष्णन एवं उनकी टीम ने औद्योगिक इकाइयों के लिए गैस की आवश्यकताओं तथा उपलब्ध संभावनाओं के बारे में जानकारी साझा की। इससे उद्यमियों को प्रस्तावित उद्योगों की स्थापना के दौरान ऊर्जा संबंधी जरूरतों और औद्योगिक सुविधाओं के महत्व को समझने का अवसर मिला।

*रीको ने औद्योगिक सुविधाओं और निवेश प्रक्रियाओं से कराया अवगत*

रीको की ओर से मुख्य महाप्रबंधक मुकुल रस्तोगी, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक संजय बगड़िया तथा वरिष्ठ उप महाप्रबंधक एवं इकाई प्रभारी रीको बालोतरा कुलदीप दाधीच उपस्थित रहे। उन्होनेे औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं, पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों की स्थापना की संभावनाओं, प्रस्तावित नए औद्योगिक क्षेत्रों तथा उद्यमियों के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और औद्योगिक समन्वय के संबंध में जानकारी प्रदान की। अधिकारियों ने उद्यमियों को उद्योग स्थापना से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

*संवाद सत्र में उद्यमियों ने पूछे निवेश से जुड़े सवाल*

कार्यशाला के बाद उद्यमियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने एचपीसीएल, एचआरआरएल, रीको एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों से पेट्रोकेमिकल उद्योगों की स्थापना, उप-उत्पादों की उपलब्धता एवं खरीद प्रक्रिया, संभावित डाउनस्ट्रीम उद्योगों, संयंत्र एवं मशीनरी, तकनीकी आवश्यकताओं, औद्योगिक सुविधाओं तथा निवेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। संबंधित अधिकारियों ने उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। संवाद सत्र के माध्यम से उद्यमियों को उपलब्ध अवसरों, तकनीकी जरूरतों और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।

*औद्योगिक विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में पहल*

यह कार्यशाला बालोतरा जिले में टेक्सटाइल उद्योग के साथ पेट्रोकेमिकल एवं डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास की संभावनाओं पर संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही। इसके माध्यम से उद्यमियों को एचआरआरएल एवं एचपीसीएल से संबंधित औद्योगिक अवसरों की जानकारी मिली तथा नए निवेश, औद्योगिक विविधीकरण और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों और औद्योगिक अवसरों से उद्यमियों को जोड़ना तथा संबंधित संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत करना रहा, ताकि बालोतरा जिले में भविष्य में पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके।

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

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