देशबीकानेरब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराजस्थान
‘सत्ता का अहंकार छोड़ो, संविधान की मर्यादा में काम करो’, बीडी कल्ला का भाजपा सरकार पर तीखा हमला
नगर निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस पार्षदों पर पुलिस का दबाव, भाजपा वालों शीशे के महलों में रहते हो पत्थर मत उछालो - मदनगोपाल मेघवाल

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर, 18.09.2026
जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं देहात के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर को निर्वाचन आयोग आयुक्त के नाम और जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में नगर निकाय चुनावों के बाद महापौर/अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित निर्दलीय पार्षदों पर पुलिस प्रशासन द्वारा बनाए जा रहे दबाव का मुद्दा उठाया। जिसमें भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
पूर्व केबिनेट मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि भाजपा सरकार को जनादेश और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए, न कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन की नाकामी छिपाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को अपनी सत्ता और प्रशासनिक ताकत का अहंकार छोड़कर संविधान की मर्यादा में काम करना चाहिए। सरकारें स्थायी नहीं होतीं, लेकिन संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाएं देश की स्थायी व्यवस्था का हिस्सा हैं।
कांग्रेस के जिला सह प्रभारी मुस्ताक खान ने कहा कि नगर निकाय चुनावों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद भाजपा सरकार की नाकामी और बौखलाहट सामने आ रही है तथा सत्ता के दबाव का इस्तेमाल कर कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों के घर पुलिस भेजकर या उन्हें थाने में बुलाकर डरा धमकाकर प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। खान ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप बताते हुए पुलिस एवं प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
ज्ञापन में निर्वाचन आयोग से मांग की गई है कि नगर निगम बीकानेर के महापौर एवं उपमहापौर तथा जिले की अन्य नगर पालिकाओं के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी, भयमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में करवाए जाएं। दबाव बनाने वाले अधिकारी, कर्मचारियों को तुरन्त हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।
शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि सत्ता का अर्थ सरकारी मशीनरी का राजनीतिक इस्तेमाल करना नहीं है। पुलिस और प्रशासन संविधान एवं कानून के अनुसार काम करने के लिए हैं, किसी राजनीतिक दल के दबाव में काम करने के लिए नहीं। कांग्रेस पार्षदों, कांग्रेस समर्थित पार्षदों और उनके परिजनों को परेशान करने या दबाव में लेने के प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। भाजपा को जनता के जनादेश को स्वीकार कर उसका सम्मान करना चाहिए।
देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि भाजपा सरकार की कार्यशैली ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निकाय चुनावों के बाद जिस तरह कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों और उनके परिजनों पर दबाव बनाए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं, वह भाजपा सरकार की राजनीतिक नाकामी और प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। यदि सरकार को अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के इस्तेमाल की जरूरत पड़ रही है, तो यह उसकी कमजोर राजनीतिक स्थिति और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति असफलता को प्रदर्शित करता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए जनप्रतिनिधियों के बीच भय का वातावरण पैदा कर रही है। नगर निकायों में चुने गए पार्षदों को स्वतंत्र रूप से अपने संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने का अवसर मिलना चाहिए। किसी भी पार्षद या उसके परिवार को दबाव, धमकी अथवा प्रशासनिक कार्रवाई के भय में रखकर राजनीतिक निर्णय प्रभावित करने का प्रयास लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। आज सत्ता में बैठी सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि उसे भी जनता और संविधान के सामने जवाबदेह होना पड़ेगा।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस एवं प्रशासन से मांग की कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष भूमिका निभाएं। सरकारी तंत्र के दुरुपयोग पर तत्काल रोक लगाकर सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से अपने निर्णय लेने का अधिकार देना चाहिए।
जिला महासचिव (संगठन) प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि जिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में हजारीमल देवड़ा, पीर जफर शाह, आनंद सिंह सोढा, नितिन वत्सस, सुमित कोचर, पूनम चंद भाम्भू, शहजाद भुट्टा, भीखाराम कडेला, ताहिर हसन, राजकुमारी व्यास, सुरेंद्र सिंह राठौड़, हंसराज बिश्नोई, जयदीप सिंह जावा, योगेश गहलोत, कन्हैयालाल जोशी, मनोज मूण्ड, गिरधर जोशी, बलराम नायक, नासिर शहजाद तंवर, करणीसिंह राजपुरोहित, रामदेव, शेरशाह, सफी मोहम्मद, आरिफ खान, हसन अली, अशरफ खान, पूनम चंद भाम्भू, कमल गोयल,मैक्स नायक, सोहन लाल मेघवाल आदि शामिल रहे I

Subscribe to my channel


