उत्तर प्रदेशदेशबस्तीब्रेकिंग न्यूज़शिक्षास्वास्थ्य

मर्म विज्ञान: बिना दवा के स्वास्थ्य संतुलन का प्राचीन रहस्य — डॉ. नवीन योगी

बस्ती से वेदान्त सिंह

 

बस्ती। आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, स्क्रीन टाइम और असंतुलित दिनचर्या के बीच एक बार फिर प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। इसी क्रम में मर्म विज्ञान एक प्रभावी और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के रूप में उभर रहा है। संकल्प योग वेलनेस सेंटर, बस्ती के निदेशक डॉ. नवीन योगी ने मर्म विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह शरीर, ऊर्जा और चेतना के संतुलन का अद्भुत विज्ञान है।

उन्होंने बताया कि मर्म विज्ञान आयुर्वेद की एक प्राचीन शाखा है, जो शरीर के 107 संवेदनशील बिंदुओं (मर्म पॉइंट्स) पर आधारित है। ये बिंदु नसों, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों के संगम स्थल होते हैं, जहां हल्का दबाव भी गहरा प्रभाव डाल सकता है।

डॉ. योगी के अनुसार, मानव शरीर पांच तत्वों—अग्नि, वायु, आकाश, पृथ्वी और जल—से निर्मित है। इन तत्वों का संतुलन ही स्वास्थ्य की कुंजी है, और इस संतुलन को बनाए रखने में “प्राण ऊर्जा” की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्राण ऊर्जा का संतुलन जहां शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाता है, वहीं असंतुलन रोगों को जन्म देता है।

उन्होंने बताया कि मर्म चिकित्सा में इन बिंदुओं को हल्के दबाव द्वारा सक्रिय किया जाता है, जिससे प्राण ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है, नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है और शरीर स्वयं को ठीक करने की प्रक्रिया शुरू करता है। यह प्रक्रिया “ताला और चाबी” की तरह काम करती है, जिसमें हर मर्म पॉइंट के लिए अलग तकनीक और दबाव निर्धारित होता है।

मर्म बिंदुओं का वितरण पूरे शरीर में होता है—हाथों और पैरों में 22-22, छाती और पेट में 12, पीठ में 14 तथा गर्दन के ऊपर 37 मर्म बिंदु स्थित होते हैं। कुछ प्रमुख मर्म जैसे अधिपति मर्म (सिर), अपांग मर्म (आंखों के पास) और आज्ञा क्षेत्र (भौंहों के बीच) मानसिक शांति, दृष्टि सुधार और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होते हैं।

डॉ. योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि मर्म चिकित्सा प्रभावशाली जरूर है, लेकिन इसे बिना सही जानकारी के नहीं करना चाहिए। गलत तरीके से दबाव देने पर नुकसान भी हो सकता है, इसलिए प्रशिक्षित विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही इसका अभ्यास करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि मर्म विज्ञान केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि शरीर को समझने और संतुलित रखने की एक संपूर्ण प्रणाली है। यदि इसे सही तरीके से अपनाया जाए, तो यह बिना दवा के भी स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

Related Articles

Back to top button