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दर-उल-उलूम मेमोडेहा में भव्य इफ्तार पार्टी, रमज़ान में दिखी गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार, पुंछ
मेंढर, मार्च 2026:
पवित्र महीने रमज़ान के दौरान क़सम नगर, मेंढर स्थित दर-उल-उलूम मेमोडेहा में एक भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह आयोजन सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और एकता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
इफ्तार पार्टी में मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदायों के लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। सभी ने एक साथ बैठकर रोज़ा इफ्तार किया, जो आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे का प्रतीक बना। कार्यक्रम में क्षेत्र के धार्मिक विद्वान, स्थानीय बुजुर्ग, युवा और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर क्षेत्र में अमन, शांति और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं। पूरे माहौल में अपनापन और भाईचारे की भावना साफ झलक रही थी, जहां धर्म और जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों ने एकजुटता का संदेश दिया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि रमज़ान सिर्फ रोज़ा रखने का ही नहीं, बल्कि आत्ममंथन, दया, करुणा और समाज में रिश्तों को मजबूत करने का भी महीना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन आपसी समझ और सौहार्द को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में शामिल हिंदू समुदाय के लोगों ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं और समाज में एकता को बढ़ाते हैं।
आयोजकों ने बताया कि इस इफ्तार पार्टी का मुख्य उद्देश्य सभी समुदायों को एक मंच पर लाकर संवाद, सौहार्द और आपसी सम्मान को बढ़ावा देना है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म हमेशा जोड़ने का काम करना चाहिए, न कि तोड़ने का।
कार्यक्रम का समापन क्षेत्र की तरक्की, शांति और भाईचारे की कामना के साथ किया गया। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
दर-उल-उलूम मेमोडेहा में आयोजित यह भव्य इफ्तार पार्टी एक मिसाल बन गई है, जो यह संदेश देती है कि अलग-अलग धर्म और पृष्ठभूमि के लोग भी एक साथ मिलकर इंसानियत, प्रेम और भाईचारे के मूल्यों को मजबूती दे सकते हैं।

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