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जसोल में आदर्श विद्या मंदिर में कक्षा अष्टमी मंगल कामना कार्यक्रम व अभिभावक सम्मेलन आयोजित

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जसोल, 17 फरवरी 2026।
आदर्श विद्या मंदिर जसोल में मंगलवार को कक्षा अष्टमी के विद्यार्थियों के लिए मंगल कामना कार्यक्रम एवं अभिभावक सम्मेलन का आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुआ।
🌼 कक्षा अष्टमी मंगल कामना कार्यक्रम
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरपुरा की प्रधानाचार्या श्रीमती सरोज जी, व्याख्याता रीना जी, प्रधानाचार्य विक्रम सिंह जी (माजीवाला) और समिति सदस्य माणक चंद जी उपस्थित रहे।
प्रधानाचार्य विक्रम सिंह जी ने विद्यार्थियों को प्रेरक बोध कथा सुनाते हुए बताया कि पहले 64 कलाएं होती थीं, जिनमें से अधिकांश कलाएं सीखना आवश्यक माना जाता था। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल का सीमित उपयोग करने और अपने व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने की सलाह दी।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और अंत में कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
👨👩👧 अभिभावक सम्मेलन भी आयोजित
विद्यालय में अभिभावक सम्मेलन का आयोजन भी किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि बजरंग लाल शर्मा (आयुष्मान आरोग्य मंदिर जसोल), अध्यक्षता श्री जेतमाल सिंह (प्राचार्य, एस.एन. वोहरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जसोल), मुख्य वक्ता देवेंद्र कुमार (जिला व्यवस्थापक एवं प्रांत सामाजिक समरसता प्रमुख, विद्या भारती, जोधपुर प्रांत) तथा स्थानीय समिति अध्यक्ष जगदीश प्रसाद माली सहित अनेक अभिभावक उपस्थित रहे।
शिशु वाटिका के विद्यार्थियों ने 12 व्यवस्थाओं और 14 क्रियाकलापों पर आधारित लघु प्रस्तुति दी। साथ ही विद्या भारती द्वारा चलाए जा रहे पांच आधारभूत विषयों पर भी प्रदर्शन किया गया।
श्री जेतमाल सिंह ने समय के पालन और सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। बजरंग लाल शर्मा ने प्रकृति परीक्षण और क्रिया आधारित शिक्षण की जानकारी दी। मुख्य वक्ता देवेंद्र कुमार ने बालकों के विकास में मातृशक्ति की भूमिका, आचरण के छह बिंदुओं और पंच परिवर्तन की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में अभिभावकों से सुझाव लिए गए और कल्याण मंत्र के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
📌 निष्कर्ष:
विद्यालय में आयोजित इन कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन का महत्व समझाते हुए सकारात्मक संदेश दिया।

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