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जसोल में श्रद्धांजलि सभा आयोजित, प्रवासी समाजसेवी ओमप्रकाश कोठारी को भावभीनी श्रद्धांजलि

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जसोल, 12 फरवरी 2026।
जसोल की पावन धरा से जुड़े एवं मदुराई प्रवासी प्रख्यात समाजसेवी ओमप्रकाशजी तातेड (कोठारी) के निधन पर तेरापंथ भवन, नाकोड़ा रोड जसोल में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। 68 वर्ष की आयु में 6 फरवरी 2026 को मदुराई में उनके देवलोक गमन से समाज में शोक की लहर छा गई।
समाजसेवा और धर्मनिष्ठ जीवन की मिसाल
ओमप्रकाशजी तातेड एक सफल उद्यमी होने के साथ-साथ समर्पित समाजसेवी भी थे। जन्मभूमि जसोल और कर्मभूमि मदुराई में उन्होंने हमेशा लोगों के सुख-दुख में सहभागिता निभाई। वे मदुराई तेरापंथ ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे तथा मदुराई तेरापंथ सभा के अध्यक्ष पद को भी सुशोभित कर चुके थे। उनके कार्यकाल में नए तेरापंथ भवन का निर्माण हुआ। साथ ही वे आशापुरा जैन सेवा मण्डल के अध्यक्ष के रूप में भी सक्रिय रहे।
वे माँ मीनाक्षी अम्मन मंदिर के परम भक्त थे और सदैव ललाट पर तिलक लगाकर ही घर से निकलते थे। मदुराई में 8 फरवरी को आयोजित स्मृति सभा में स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
जसोल में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा
तेरापंथ भवन, नाकोड़ा रोड जसोल में प्रातः 10:30 बजे आयोजित सभा में कोठारी परिवार की महिलाओं ने मंगलाचरण किया तथा छोटे भाई श्री नेनमल कोठारी ने सजल नेत्रों से अरिहंत वंदना प्रस्तुत की। उपस्थित वक्ताओं ने ओमप्रकाशजी और नेनमलजी की जोड़ी को राम-लक्ष्मण की जोड़ी की संज्ञा दी।
सभा में समाज के कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने भाव व्यक्त किए। वक्ताओं ने बताया कि ओमप्रकाशजी मधुरभाषी, मिलनसार और समाज विकास के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। वे रिश्तों को निभाने की कला में निपुण थे और समाज व धर्मसंघ के प्रति उनकी गहरी आस्था थी।
गुरुदेव का संदेश और संतों की श्रद्धांजलि
इस अवसर पर आचार्य महाश्रमण का विशेष संदेश प्राप्त हुआ, जिसका वाचन जोधपुर से पधारे श्री जिनेश्वर तातेड ने किया। साथ ही मुनि श्री जिनेशकुमार जी, मुनि श्री हिमांशु कुमार जी, मुनि श्री अर्हन्त कुमार जी, साध्वी श्री राकेश कंवर जी, साध्वी श्री नंदिता श्री जी एवं साध्वी श्री तरुणप्रभा जी सहित अनेक संतों के संदेशों का भी वाचन किया गया।
प्रबुद्धजनों की उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में कानोड़, जसोल, जोधपुर, सूरत और मदुराई सहित विभिन्न स्थानों से समाजबंधु उपस्थित रहे। वक्ताओं ने तातेड (कोठारी) परिवार की पीढ़ियों की समाजसेवा का स्मरण करते हुए ओमप्रकाशजी के योगदान को अविस्मरणीय बताया। अंत में श्री नेनमल कोठारी ने मंगल पाठ सुनाकर गुरु दर्शन की भावना प्रकट की। कार्यक्रम का संचालन श्री कांतिलाल ढेलड़िया ने किया।
ओमप्रकाशजी तातेड का जीवन सेवा, समर्पण और संस्कारों की अमिट छाप छोड़ गया है। समाज उनके योगदान को सदैव स्मरण रखेगा।
ओम अर्हम।

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