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श्री खाटू श्याम मंदिर में विजया एकादशी पर बाबा का अद्भुत श्रृंगार, उमड़ा आस्था का सैलाब

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी

 

बीकानेर। विजया एकादशी के पावन अवसर पर जयपुर रोड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अनुपम संगम देखने को मिला। इस शुभ दिन बाबा श्याम का अलौकिक एवं मनोहारी श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। दिल्ली से विशेष रूप से मंगवाए गए फाग उत्सव के सतरंगी फूलों से जब बाबा का दरबार सजाया गया तो पूरा मंदिर परिसर दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। रंग-बिरंगे पुष्पों की छटा और इत्र की सुगंध से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बन गया।

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित चेतन शर्मा एवं किशन शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन एवं श्रृंगार संपन्न कराया। जैसे ही बाबा का पट खुला, “हारे के सहारे, श्याम हमारे” के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। भक्तजन हाथ जोड़कर, आंखों में श्रद्धा के आंसू लिए बाबा के दर्शनों में लीन दिखाई दिए।

इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष केके शर्मा, सदस्य ओम जिंदल, महासचिव सुरेश भसीन, सुरेश अग्रवाल एवं बृजमोहन जिंदल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने आगामी फागोत्सव की तैयारियों को लेकर चर्चा की तथा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विचार-विमर्श किया।

विजया एकादशी एवं फागोत्सव के संयुक्त प्रभाव से मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। दूर-दराज से आए अनेक भक्त पैदल यात्रा करते हुए बाबा के दरबार में धोक लगाने पहुंचे। लंबी निशान यात्राओं के साथ श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से बाबा के चरणों में हाजिरी लगाई। भक्तों के चेहरों पर आस्था और अटूट विश्वास की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही थी।

विशेष आकर्षण छोटे-छोटे बच्चों की पीतांबर वेशभूषा रही। सजे-धजे बाल भक्त जब मंदिर पहुंचे तो प्रवेश द्वार पर उनके मस्तक पर “राधे-राधे” का तिलक लगाया गया। यह दृश्य अत्यंत मनमोहक रहा और उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को छू गया।

श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई। वहीं अनेक महिलाओं ने बाबा के दरबार में मन्नत स्वरूप नारियल बांधकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जयकारों का वातावरण बना रहा।

भजन संध्या के दौरान “तीन बाण धारी”, “बाण चलाओ ना, संकट में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना”, “रंग दे रे मन और रंग दे कानुड़ा मने” तथा “भगत के बस में है भगवान” जैसे भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। अनेक भक्तों की आंखों से अश्रुधारा बह निकली और पूरा वातावरण भक्ति के सागर में डूब गया।

विजया एकादशी के इस पावन अवसर पर बाबा श्याम के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि यह मंदिर आस्था, विश्वास और भक्ति का प्रमुख केंद्र है, जहां पहुंचकर भक्त आत्मिक शांति और दिव्य अनुभूति का अनुभव करते हैं।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

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