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बारामती विमान हादसा: आखिरी 60 सेकंड में को-पायलट कैप्टन शाम्भवी पाठक ने दिखाई अद्भुत बहादुरी, कई जिंदगियां बचाईं

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बारामती (महाराष्ट्र)।
महाराष्ट्र के बारामती में हुआ विमान हादसा भले ही एक तकनीकी खराबी के कारण हुआ हो, लेकिन इस हादसे के भीतर छिपी है एक ऐसी वीरता की कहानी, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। इस दुर्घटना में को-पायलट कैप्टन शाम्भवी पाठक ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में जिस साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, उसने पूरे देश को भावुक कर दिया है।
🔧 तकनीकी खराबी बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे से कुछ समय पहले विमान के कई उपकरण (Instruments) असामान्य व्यवहार करने लगे थे।
Altimeter सही ऊंचाई नहीं दिखा रहा था
विमान की Stability बिगड़ चुकी थी
एयरक्राफ्ट तेजी से एक खतरनाक स्पाइरल में जा रहा था
स्थिति बेहद गंभीर और जानलेवा हो चुकी थी।
🧠 संकट में भी नहीं खोया नियंत्रण
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच रिपोर्ट के मुताबिक, उस भयावह स्थिति में जहां कोई भी घबरा सकता था, कैप्टन शाम्भवी पाठक ने असाधारण संयम और प्रोफेशनलिज्म दिखाया।
जब विमान तेजी से जमीन की ओर बढ़ रहा था, तब उन्होंने:
कंट्रोल नहीं छोड़ा
आखिरी पल तक विमान को आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की
ताकि नागरिकों को होने वाला नुकसान कम से कम हो
🛫 आखिरी सांस तक निभाया फर्ज
बताया जा रहा है कि कैप्टन शाम्भवी पाठक आखिरी सेकंड तक अपनी सीट पर जमी रहीं और फ्लाइट कंट्रोल्स को थामे रहीं।
उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना, अपनी जिम्मेदारी को सबसे ऊपर रखा।
उनका यह निर्णय शायद कई और जिंदगियों को बचा गया।
🕊️ एक हादसे की शिकार नहीं, कर्तव्य की शहीद
कैप्टन शाम्भवी पाठक को अब केवल एक दुर्घटना की पीड़िता नहीं, बल्कि कर्तव्यपथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाली वीर बेटी के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने साबित कर दिया कि:
“एक सच्चे पायलट के लिए उसकी जिम्मेदारी उसकी जान से भी बड़ी होती है।”
🇮🇳 देश भर में शोक और सम्मान
इस हादसे के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर लोग कैप्टन शाम्भवी पाठक को
“आसमान की बेटी”, “ब्रेवहार्ट”, और “रियल हीरो” कहकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
✨ निष्कर्ष
बारामती की धरती पर उन्होंने भले ही अपनी आखिरी सांस ली हो, लेकिन
कैप्टन शाम्भवी पाठक का नाम भारतीय विमानन इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।
यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं थी —
यह कर्तव्य, साहस और बलिदान की अमर गाथा है।
👉 BASTI TIMES 24 NEWS सलाम करता है इस वीर बेटी को।

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