
राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
*केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कृषि आधारित उद्योग के उद्यमियों एवं प्रगतिशील किसानों के साथ किया संवाद*
*‘’यूरोपियन यूनियन के साथ हुए समझौते से उद्योग और किसान दोनों को मिलेगा फ़ायदा’’*
*मोठ फसल को एमएसपी में शामिल करने की माँग*
बीकानेर, 28 जनवरी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि आधारित उधोगों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि किसानों की तकदीर भी बदले और तस्वीर भी।उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में यूरोपियन यूनियन के साथ हुए समझौते से उद्योग और किसान दोनों को फ़ायदा मिलेगा।श्री चौहान बुधवार शाम को बीकानेर- जोधपुर हाइवे पर डॉ अशोक धारणियाँ के ब फ़ार्म हाउस पर आयोजित कृषि आधारित उद्योग के उद्यमियों एवं प्रगतिशील किसानों के साथ आत्मीय संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
श्री चौहान ने कहा कि स्थानीय माटी और पानी की उपलब्धता के हिसाब से खेती को कैसे फायदेमंद बनाया जाए इस पर रिसर्च किया जा रहा है। इंटीग्रेटेड खेती के ज़रिए भी खेती को फायदे बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी टैक्स दो जगह ना लगे इसको लेकर भी विचार विमर्श किया जाएगा।
इससे पूर्व कार्यक्रम में श्री जयकिशन अग्रवाल, श्री गजेन्द्र पारख,श्री शिव करण डेलू, श्री महेंद्र पारख,श्री सुरेन्द्र भट्टड़ इत्यादि ने कृषि आधारित को आ रही समस्याओं के बारे में बताया। डबल मंडी टैक्स खत्म करने और मोठ फसल को एमएसपी में शामिल करने की बात कही।
इससे पूर्व कार्यक्रम के शुरुआत में
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा का साफा, शॉल, बुके भेंट कर स्वागत सत्कार किया गया। डॉ अशोक धारणियाँ ने स्वागत भाषण एवं लालेश्वर महादेव मंदिर के महन्त स्वामी विमर्शानंद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम में मंच संचालन श्री चंद्र शेखर श्रीमाली ने किया।
कार्यक्रम में विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के चेयरमैन श्री राम गोपाल सुथार, श्रीमती सुमन छाजेड़, श्री श्याम पंचारिया, श्री राजाराम धारणियाँ, श्री हरि राम धारणियाँ, श्री डी पी पचीसिया, श्री जुगल राठी, श्री हेमंत दाधीच, श्री मोहन दुसाद, श्री जय दयाल डूडी, समेत बड़ी संख्या में उद्यमी और किसान मौजूद रहे।

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