
राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
सोनगिरी (कुआं रोड), 1 जनवरी 2026: महेश भवन, सोनगिरी कुआं रोड पर 26 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक आयोजित अभूतपूर्व ग्रंथ ‘श्री कृष्ण चरित मानस (रसायन – महाकाव्य)’ का सप्ताह पारायण कल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अनुपम कृति के रचनाकार जगद्गुरु अनंत श्री विभूषित प्रियदर्शी जी महाराज हैं।
यह महाकाव्य श्री राम चरित मानस की शैली में लिखा गया है और इसमें भगवान श्री कृष्ण के संपूर्ण जीवन चरित और लीलाओं के रहस्य सात कांडों में विस्तार से वर्णित हैं। इस ग्रंथ का आकार रामायण से दोगुना है और इसका अखंड पाठ लगभग 50 घंटे में पूरा होता है।
प्रियदर्शी जी महाराज को संवत 2021 की जन्माष्टमी के दिन वृंदावन धाम में ठाकुर बांके बिहारी जी ने इस महाकाव्य की रचना हेतु प्रेरित किया। कहा जाता है कि श्री राधा रानी ने एक कन्या के रूप में प्रकट होकर प्रियदर्शी जी को लेखनी प्रदान की, जिसके माध्यम से एक वर्ष के भीतर यह विशाल ग्रंथ लिखा गया।
सप्ताह पारायण के दौरान जन्मोत्सव, नंदोत्सव, श्री गिरिराज पूजन, 56 भोग दर्शन, माखन चोरी लीला, बाल लीलाएं और श्री सुदामा चरित्र पर विशेष ध्यान दिया गया। इस आयोजन में भक्त और रसिक वृंद ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का आनंद लिया और भक्ति रस में सराबोर हुए।
राधे राधे!

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