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भिवाड़ी में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, ₹32 करोड़ की अवैध केमिकल जब्त किए गए।

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
भिवाड़ी।
भिवाड़ी के कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में रविवार को सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशे की दवाओं के अवैध कारोबार का सनसनीखेज खुलासा किया। गुजरात एटीएस, राजस्थान एसओजी (जयपुर) और भिवाड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने एक गुप्त सूचना पर एपीएल फार्मकिम नाम की फैक्ट्री पर छापा मारकर नींद की दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले करीब 22 किलोग्राम केमिकल जब्त किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹32.56 करोड़ आंकी गई है।
जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में अलप्राजोलम, टेमाजेपाम और पैराजेपाम जैसे नशीले और प्रतिबंधित सक्रिय घटकों का अवैध उत्पादन किया जा रहा था। आरोपी बेहद शातिर तरीके से फैक्ट्री के भीतर छिपी हुई मशीनों के जरिए इन केमिकल का मिश्रण तैयार करते थे, जिसे बाद में टैबलेट के रूप में ढालकर गुजरात के डीलरों के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अमेरिका और कनाडा तक सप्लाई किया जाना था।
इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश निवासी तीन केमिकल इंजीनियरों—कृष्णा, अंशुल शास्त्री और अखिलेश मौर्य—को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने एक माह पहले ही कहरानी में बंद पड़ी फैक्ट्री को किराए पर लेकर अवैध गतिविधियां शुरू की थीं। फैक्ट्री न तो पंजीकृत थी और न ही दवा निर्माण का कोई वैध लाइसेंस लिया गया था।
कार्रवाई के दौरान जिला औषधि नियंत्रक की टीम और एफएसएल विशेषज्ञों ने मौके से सैंपल लेकर जांच शुरू की है। भिवाड़ी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह कार्रवाई भिवाड़ी को नशे के अवैध कारोबार का केंद्र बनने से रोकने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।

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