देशबीकानेरब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान
अरावली बचाओ आंदोलन: कांग्रेस ने कोटगेट से कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च, मनरेगा को लेकर किया प्रदर्शन

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर, 27 दिसंबर 2025।
अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और मनरेगा को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी शहर व देहात बीकानेर ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आयोजित इस आंदोलन का नेतृत्व शहर जिला अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल एवं देहात जिला अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने संयुक्त रूप से किया।
दोपहर 12:15 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोटगेट से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर जन-जागरण रैली आयोजित की। इसके पश्चात कलेक्ट्रेट परिसर में महात्मा गांधी के चित्रों के साथ मनरेगा को लेकर प्रदर्शन किया गया। अंत में कांग्रेस के शिष्टमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। इस दौरान केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
खनन पर तत्काल रोक और अरावली को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि:
अरावली पर्वतमाला क्षेत्र में जारी एवं प्रस्तावित सभी खनन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए
पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाले खनन पट्टों को तत्काल निरस्त किया जाए
अरावली क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए
स्थानीय प्रशासन द्वारा नियमित निगरानी व संरक्षण हेतु ठोस कार्ययोजना बनाई जाए
“अरावली भारत की अनमोल धरोहर है” – मदनगोपाल मेघवाल
शहर जिला अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि अरावली पर्वतमाला भारत की अनमोल धरोहर है, जो पर्यावरण संतुलन, जलवायु, कृषि और जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। भाजपा सरकार साजिश के तहत इसे समाप्त करने पर तुली हुई है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
“अरावली प्रदेश की जीवनरेखा है” – बिशनाराम सियाग
देहात जिला अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि अरावली पर्वतमाला राजस्थान की पहचान और जीवनरेखा है। यह मरुस्थलीकरण रोकने, धूलभरी आंधियों से बचाव और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भाजपा सरकार इसे खनन माफियाओं के हवाले कर रही है, जिसके खिलाफ कांग्रेस व्यापक जन-आंदोलन चलाएगी।
वरिष्ठ नेताओं ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा ने कहा कि भाजपा सुप्रीम कोर्ट की आड़ में अरावली का अधिकांश हिस्सा पूंजीपतियों को सौंपना चाहती है।
पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी ने कहा कि खनन गतिविधियों से वन, जल स्रोत और वन्यजीवों को अपूरणीय क्षति हो रही है।
भूदान बोर्ड अध्यक्ष लक्ष्मण कड़वासरा ने मनरेगा को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया।
पीसीसी सदस्य यशपाल गहलोत एवं प्रदेश महासचिव हाजी जिया उर रहमान आरिफ ने भी अरावली संरक्षण को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया।
बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में पूर्व न्यास अध्यक्ष, पूर्व उपसभापति, पीसीसी सदस्य, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, सेवादल, पार्षदगण, ब्लॉक अध्यक्षों सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Subscribe to my channel


