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भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में हुई अहम बैठक, छोटी उद्योग इकाइयों को राहत देने की उठी मांग

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
भिवाड़ी।
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही औद्योगिक समस्याओं को लेकर गुरुवार को राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नजदीर सिंह गण एवं पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र चौहान के नेतृत्व में उद्योग प्रतिनिधियों ने बोर्ड के अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
बैठक में बताया गया कि राज्य एवं केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत सभी छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों पर ओडिशस गेट्स लगाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे छोटी और माइक्रो इंडस्ट्री पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। प्रतिनिधियों ने कहा कि बड़ी कंपनियों के साथ कार्य करने वाली छोटी इकाइयों के लिए यह व्यवस्था अत्यंत कठिन है और इससे अनेक उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। उद्योग प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि भिवाड़ी को वायु प्रदूषण के लिए गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के प्रदूषण का प्रभाव भी यहां पड़ता है। प्रत्येक उद्योग हर वर्ष अपने प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों पर भारी खर्च करता है, इसके बावजूद उन्हें दोषी ठहराया जाना अनुचित है।
बैठक में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, बिजली फेल होने की स्थिति में डीजल जेनरेटर चलाने की अनुमति देने तथा गैस सप्लाई में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग भी उठाई गई। प्रतिनिधियों ने चेताया कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो उद्योगों को भिवाड़ी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा, जिससे रोजगार और औद्योगिक विकास को गहरा नुकसान होगा। इस पर राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इन पर पुनः विचार किया जाएगा तथा भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। बैठक में उद्योग जगत से जुड़े अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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