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एनआरसीसी, बीकानेर एवं राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पुणे के मध्य महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू )

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर, 17 अक्टूबर, 2026 । भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी), बीकानेर एवं आईसीएमआर- राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी), पुणे, महाराष्ट्र के मध्य आज दिनांक को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। केंद्र के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया एवं डॉ. नवीन कुमार, निदेशक, एनआईवी ने एनआरसीसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस एमओयू दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
एनआरसीसी के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों संस्थान अपने उपलब्ध संसाधनों एवं विशेषज्ञता का परस्पर उपयोग कर ऊँटों में होने वाले विषाणुजनित (वायरल) रोगों के संबंधित अनुसंधान को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही मानव व पशु स्वास्थ्य से जुड़ी संक्रामक बीमारियों की पहचान, आधुनिक निदान पद्धतियों के विकास तथा प्रभावी उपचार के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित होंगे ।
एनआईवी निदेशक, डॉ. नवीन कुमार ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक वन हेल्थ (एकीकृत स्वास्थ्य) की अवधारणा अत्यंत प्रासंगिक है। इसके परिप्रेक्ष्य में ऊँटों से प्राप्त नैनोबॉडीज (ऊँट प्रजाति के पशुओं से प्राप्त अत्यंत सूक्ष्म एंटीबॉडी) का उपयोग, मनुष्यों में होने वाले विषाणुजनित रोगों की पहचान एवं उनके गहन अध्ययन के लिए भी किया जा सकेगा। इससे भविष्य में सटीक परीक्षण विधि तथा प्रभावी उपचार विकसित करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर केन्द्र की पीएमई सेल के प्रभारी डॉ. राकेश रंजन ने एमओयू के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके तहत ऊँटों एवं मनुष्यों के वायरल रोगों पर समन्वित अनुसंधान को गति मिलेगी । साथ ही, बायोमैडिकल शोध में ऊँटों की उपयोगिता सामने आने से उनके संरक्षण के प्रयासों को भी बल मिलेगा। एमओयू कार्यक्रम के अवसर पर एनआरसीसी एवं एनआरसीई के डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. रमेश देदर, डॉ. रतन कुमार चौधरी, डॉ. श्याम सुंदर चौधरी, डॉ.विश्वरंजन उपाध्याय, डॉ. धवलकान्त एवं राजुवास के सहायक आचार्य डॉ.रामकुमार, केन्द्र के श्री आशीष पित्ती, श्री राजेश चौधरी, डॉ. राकेश पूनिया, श्री नेमीचंद बारासा, श्री मीतपाल आदि मौजूद रहे।

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