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पुंछ म्युनिसिपलिटी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सरकारी गाड़ियों के पर्सनल इस्तेमाल और शहर में कचरे के ढेरों से जनता परेशान

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार, पुंछ
नगर परिषद पुंछ में प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की अनदेखी के चलते स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। शहरवासियों का आरोप है कि म्युनिसिपलिटी (नगर पालिका) की गाड़ियों का उपयोग जनहित और सफाई कार्यों के बजाय निजी और व्यक्तिगत कार्यों के लिए खुलेआम किया जा रहा है।
सरकारी वाहनों के निजी उपयोग के गंभीर आरोप
स्थानीय नागरिकों और जानकारों के अनुसार, म्युनिसिपलिटी के जिन वाहनों को शहर की सफाई और कचरा उठान के लिए अधिकृत किया गया है, उनका उपयोग कथित तौर पर निजी रसूखदारों और नेताओं के घरों की सेवा में किया जा रहा है। आरोप है कि कभी ये गाड़ियां वीआईपी या स्थानीय नेताओं के आवास पर नजर आती हैं, तो कभी शहर के कुछ दुकानदारों और मांस (मुर्गा कटिंग) विक्रेताओं से कथित तौर पर अवैध वसूली या मोटे पैसे लेकर उनके निजी कामों में इस्तेमाल की जाती हैं।
शहर में कचरा प्रबंधन चरमराया
एक तरफ जहाँ म्युनिसिपलिटी के वाहन निजी कार्यों में व्यस्त बताए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में नियमित रूप से कचरा नहीं उठाया जा रहा है। शहरवासियों का कहना है कि नगर निगम की गाड़ियों के जरिए कूड़ा उठाने का काम कम और निजी व व्यावसायिक कार्यों में उनका दुरुपयोग ज्यादा हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप शहर की कई गलियों और चौराहों पर कचरे के ढेर लगे रहते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दुर्गंध और गंभीर बीमारियों के फैलने का डर सता रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
जनता का आरोप है कि यह सब म्युनिसिपलिटी के कुछ अधिकारियों की कथित ‘कृपा’ और मिलीभगत का नतीजा है, जिसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेने, गाड़ियों के दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच करने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि शहर को गंदगी और व्यवस्था की इस लाचारी से मुक्ति मिल सके।

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