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नशा नाश का द्वार, समस्या से मुक्ति के लिए नशे का सहारा न लें — मुनि तत्त्व रुचि ‘तरुण’

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी

 

*नशा नाश का द्वार, समस्या से मुक्ति के लिए नशे का सहारा न लें — मुनि तत्त्व रुचि ‘तरुण’*

*अणुव्रतों का यह संदेश — नशा मुक्त हो सारा देश*

*अणुव्रत समिति जयपुर द्वारा नशामुक्ति मैराथन एवं जागरूकता रैली का आयोजन*

जयपुर, 4 अक्टूबर 2026।

प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ में आज का युवा निरंतर तनाव, मानसिक दबाव और अवसाद से जूझ रहा है। ऐसे में कई बार उसे इन समस्याओं से बचने का सबसे आसान रास्ता नशे के रूप में दिखाई देता है। जबकि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को समस्या से कुछ समय के लिए आंखें मूंदने पर मजबूर करता है। इससे समस्या समाप्त होने के बजाय और अधिक जटिल होती जाती है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा नशे से दूर रहकर आत्मबल, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से अपने जीवन को स्वस्थ एवं सार्थक बनाएं।

यह विचार मुनि श्री तत्त्व रुचि ‘तरुण’ ने रविवार को अणुविभा केन्द्र, मालवीय नगर, जयपुर में आयोजित नशामुक्ति मैराथन एवं जागरूकता कार्यक्रम में धावकों एवं उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

कार्यक्रम का आयोजन अणुव्रत समिति जयपुर द्वारा अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत आयोजित चौथे दिन के ‘नशामुक्ति दिवस’ के अवसर पर किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं समाज में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा स्वस्थ, संयमित एवं नशामुक्त जीवन के लिए जनचेतना का प्रसार करना रहा।

मुनि श्री तत्त्व रुचि ‘तरुण’ ने उपस्थित लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाते हुए “अणुव्रतों का यह संदेश, नशा मुक्त हो सारा देश” का उद्घोष करवाया। उन्होंने कहा कि नशा नाश का द्वार है। नशा व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ उसके पारिवारिक, सामाजिक एवं आर्थिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों एवं तनाव से बचने के लिए नशे का सहारा लेना समस्या का समाधान नहीं, बल्कि एक नई समस्या को जन्म देना है।

उन्होंने नशामुक्त जीवन के लिए ध्यान, योग, भावना एवं अनुप्रेक्षा जैसे आध्यात्मिक प्रयोगों को उपयोगी बताते हुए कहा कि व्यक्ति यदि अपने भीतर आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण और संयम की भावना विकसित करे तो वह अनेक प्रकार की नकारात्मक प्रवृत्तियों से स्वयं को बचा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी ऊर्जा को नशे में नष्ट करने के बजाय शिक्षा, खेल, योग, ध्यान एवं रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं।

कार्यक्रम के दौरान मुनि श्री संभव कुमार ने भक्तिगीत का संगान कर वातावरण को आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी बना दिया।

नशामुक्ति संदेश के साथ निकली जागरूकता रैली

कार्यक्रम से पूर्व शहर में नशामुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में जयपुर की विभिन्न स्कूलों जयपुर पब्लिक स्कूल , हवा सड़क प्रेम निकेतन स्कूल जवाहर सर्किल के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों तथा तेरापंथ समाज की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में नशामुक्ति के संदेशों वाली तख्तियां एवं बैनर लेकर प्रतिभागियों ने आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।

रैली के दौरान “अणुव्रतों का यह संदेश, नशा मुक्त हो सारा देश”, “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” जैसे प्रेरणादायी संदेशों के माध्यम से युवाओं एवं आमजन को नशे से दूर रहने का आह्वान किया गया। रैली ने नशामुक्त समाज के निर्माण तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

रैली का नेतृत्व पूर्व उपमहापौर श्री पुनीत जी कर्णावट, पार्षद श्री नवीन जी भंडारी, स्थानीय पार्षद राम पालजी जैन , तेरापंथी सभा के मंत्री श्री राजकुमार जी बाफना, अनुविभा अध्यक्ष निवर्तमान अविनाश नाहर सह मंत्री उमेंद्र जी गोयल रीना जी गोयल अणुव्रत समिति जयपुर के अध्यक्ष श्री विनोद जी बैद, मंत्री श्रीमती जयश्री सिद्धा, श्री कमलेश जी बरड़िया, श्री नरेन्द्र जी चिंडालिया, राजलक्ष्मी जैन मंगल चंद जी श्रीमाल, श्री सौरभ जी जैन, श्री राजेश संचेती, श्री शकेन्द्र जी जैन, बीना जी जैन गणपत जी भंडारी ,कुलदीप बैद अरिहंत दूगर शहर महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या जी जैन, मंत्री श्रीमती पायल जैन, महिला मंडल सी. स्कीम की अध्यक्ष श्रीमती कनक जी आंचलिया, मंत्री श्रीमती राजश्री बाफना, ते.यु.प. अध्यक्ष श्री प्रवीण जैन, रैली संयोजक श्री अशोक जी शर्मा सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने किया।

युवाओं को नशे से दूर रखने का सामूहिक संकल्प

रैली एवं कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए परिवार, विद्यालय, सामाजिक संस्थाओं और पूरे समाज को मिलकर प्रयास करना होगा। विशेष रूप से युवाओं को नशे के बढ़ते प्रभाव से बचाने के लिए जागरूकता, संस्कार, सकारात्मक वातावरण एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना आवश्यक है।

अणुव्रत समिति जयपुर द्वारा आयोजित इस आयोजन ने नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ अणुव्रत आंदोलन के संयम, सदाचार एवं आत्मानुशासन के संदेश को भी प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने नशामुक्त समाज के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।कार्यक्रम का सफल संयोजन डॉ जयश्री सिद्धा द्वारा किया गया धन्यवाद ज्ञापन अशोक जी शर्मा द्वारा किया गया।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

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