पन्नाब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेश
पन्ना जिले में पहली बार कल डीजल इंजन वाली पहुंचेगी ट्रेन

लोकेशन=पन्ना।मध्य प्रदेश पन्ना
संवाददाता=सुधीर अग्रवाल
*पन्ना जिले में पहली बार कल डीजल इंजन वाली पहुंचेगी ट्रेन*
*आज होगा सीएसआर निरीक्षण*
. पन्ना-सतना रेल परियोजना का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जिले के लोगों को इस पल का वर्षों से इंतजार था वह मंगलवार को पूरा होने वाला है। नागौद-फुलवारी नई रेल लाइन का कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी निरीक्षण सोमवार किया जाएगा। इसके दूसरे दिन 24 मार्च को ट्रायल रन होगा। यह वह घड़ी होगी जब पन्ना में पहलीबार ट्रेन पहुंचेगी। ट्रायल रन के बाद पन्ना जिले में ट्रेन परिचालन की राह खुलेगी।रेल परियोजना के पूरी होने से रेल कनेक्टिविटी सुधरेगी। जिससे आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। 74 किमी लंबी परियोजना गेम चेंजर साबित होने वाली है।और पन्ना जिले की व्यापारिक स्थिति मजबूत होगी।
सतना से देवेंद्रनगर तक पैसेंजर ट्रेन चलाने की प्लानिंगःसपनो को हकीक़त में बदलने की तैयारी।
पन्ना रेल परियोजना में तेजी से काम चल रहा है। 74 किमी नई रेल लाइन में से 45 किमी ट्रैक का काम पूरा हो
इस प्रोजेक्ट में क्या क्या हुआ
कुल लंबाई: 74 किमी (सतना-पन्ना सेक्शन)
परियोजनाः 541 किमी (ललितपुर-सिंगरौली रेललाइन)
स्टेशनः 7 (करही, बरेठिया, नागौद, फुलवारी तैयार)
निर्माणाधीन स्टेशनः देवेंद्रनगर, सकरिया, पन्ना
निरीक्षण और ट्रायल में ये अधिकारी रहेंगे मौजूद
चुका है। फुलवारी से देवेंद्रनगर के बीच 7 किमी ट्रैक अंतिम चरण में है
रेलवे के अधिकारी नागौद से फुलवारी तक रेलवे ट्रेक का 23 मार्च को निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दूसरे दिन 24 मार्च को सीएसआर ट्रायल किया जाएगा। निरीक्षण और ट्रायल में कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ऑफीसर गुरु प्रकाश, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण एमएस हाशमी, डीआरएम केके तलरेजा, चीफ इंजीनियर जेएस मीणा, प्रोजेक्ट इंजीनियर सुनील प्रजापति सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।
और अगले महीने तक कुल 52 किमी ट्रैक तैयार होने की संभावना है। रेलवे
का लक्ष्य है कि दिसंबर वर्ष 2026 तक परियोजना पूरी हो जाए। अगली
1600 करोड़ पहुंची प्रोजेक्ट की लागत
सतना-पन्ना रेल परियोजना अब अपने बजट और समय दोनों में विस्तार का सामना कर रही है। इस प्रोजेक्ट की प्रारंभिक लागत 919 करोड़ रुपए थी, जिसे बढ़ाकर लगभग 1600 करोड़ रुपए कर दिया गया है। योजना का शुरुआती लक्ष्य 2021-22 में पूरा करना था, लेकिन अब नई समय सीमा 2026 तय की गई है। सतना से नागौद 30 किमी सेक्शन पर 600 करोड़ से अधिक खर्च हुआ,जबकि नागौद-फुलवारी सेक्शन में प्रति किलोमीटर लागत लगभग 22 करोड़ रुपए रही। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से पन्ना और सतना के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा और यह क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
योजना सतना-देवेंद्रनगर तक पैसेंजर ट्रेन संचालन शुरू करने की है।

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