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बसंत ऋतु में आहार परिवर्तन कर रोगों से छुट्टी – *डॉ अर्चना दुबे

बस्ती से वेदान्त सिंह

 

वसंत ऋतु का आगमन शीत और ग्रीष्म ऋतु के संधिकाल में होता है, अतः इस ऋतु में ठंडी हवाएं थमने लगती हैं तथा मौसम के तापमान में भी बदलाव आने लगता है। सभी को सर्दी की ठिठुरन से राहत मिलने लगती है और मौसम बेहद सरस हो जाता है।

वसंत ऋतु में सूर्य ताकतवर हो जाता है, सूर्य की तीव्र किरणें हमारे चारों ओर बिखरकर शीत ऋतु में व्याप्त स्निग्धता को अवशोषित कर लेती हैं, वायु तेज व रुक्ष हो जाती है, सभी तत्व बलहीन हो जाते हैं तथा जठराग्नि (पाचन क्रिया) धीमी हो जाती है, लेकिन कटु, तिक्त और कषाय रस बलवान हो जाते हैं। इसलिए इस ऋतु में खान-पान और रहन-सहन का खास ख्याल रखना पड़ता है।

आयुर्वेद के अनुसार वसंत ऋतु में सूर्य की गरमी से शिशिर ऋतु में शरीर में इकट्ठा हुआ कफ धीरे-धीरे पिघलने लगता है और यह पिघलता हुआ कफ जठराग्नि को धीमा करके कई प्रकार के रोग-विकारों का कारण बनता है। यह प्रकुपित कफ अपने मूल स्थान आमाशय में आ जाता है, जिससे कफज रोग-भूख न लगना, अरुचि, सिर दर्द, खांसी, टांसिल की सूजन, गले की खराश, त्वचा रोग, जुकाम, कफज बुखार आदि कष्ट का कारण बनते हैं। इसलिए इस ऋतु में स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए आहार-विहार में बदलाव जरूरी है।

आहार-विहार

वसंत ऋतु में हमें आसानी से पच जाने वाला, हल्का व

पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। भोजन में ऐसे पदार्थ शामिल करने चाहिए, जिनसे शरीर में इक‌ट्ठा हुए कफ का शमन हो। इसके लिए हरी सब्जियां, मौसमी फल, मूंग की दाल, अदरक, शहद और रूखे, गरम व तीखे पदार्थों का प्रयोग खासतौर पर फायदेमंद है।

अनाजों में पुराना गेहूं, जौ, चावल, दालों में मटर, अरहर, मूंग व मसूर, सब्जियों में लौकी, परवल, करेला, चौलाई, तोरई, आंवला व सहजन की फली तथा मसालों में राई, हींग, अजवाइन, मेथी, जीरा आदि का प्रयोग फायदेमंद है। पुदीना के सेवन से भी लाम मिलता है। यह पाचन शक्ति बढ़ाने वाला और कफ प्रकोप दूर करने वाला होता है। पुदीना के नियमित प्रयोग से अजीर्ण, खांसी, अग्निमांद्य आदि विकार नहीं होते हैं।

वसंत ऋतु में ठंडे पदार्थ, बासी भोजन, भारी भोजन आदि नहीं लेना चाहिए तथा अम्ल, लवण और मधुर रसों का सेवन जहां तक हो सके कम कर देना चाहिए। खान-पान में ऐसे पदार्थों का प्रयोग करना चाहिए, जो न तो ज्यादा गरम तासीर वाले हो. न ही ज्यादा ठंडी तासीर वाले।

जो लोग हमेशा निश्चित समय पर भोजन करते हैं, उनका स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है और उनकी पाचन अग्नि दुरुस्त रहने से पाचन शक्ति भी दुरुस्त रहती है। समय पर लिया गया सात्विक भोजन आयु, बल. आरोग्य और सुख को बढ़ाने वाला है।

शहद कफ प्रकोप के लिए एक उत्तम औषधि है। वसंत ऋतु में पानी के साथ शहद लेना बेहद

माना गया है। इस ऋतु में यह प्रयोग अपनाने से शरीर के भीतर शीत ऋतु में इकट्ठा हुआ कफ दूर होकर शरीर चुस्त-दुरुस्त हो जाता है। रोजाना सुबह में 1 गिलास पानी में 25 ग्राम शहद मिलाकर पीने से इस ऋतु के रोगों से बचाव होता है। गन्ने का रस पानी में डालकर अच्छी तरह पकाकर सेवन करना भी स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।

शोधन की दृष्टि से वसंत ऋतु में वमन कर्म फायदेमंद बताया गया है। वमन से कफ निकल जाता है और शरीर शुद्ध होकर कफ से होने वाले रोगों से बचाव होता है।

कफज रोग-विकारों से राहत के लिए हरड़ चूर्ण 2-2 ग्राम की मात्रा में दोगुना शहद मिलाकर सेवन करना चाहिए। यह प्रयोग कफ, खांसी, बुखार, जुकाम, सिर दर्द आदि में फायदेमंद है।

अंदर जमा कफ नष्ट करने के लिए सुबह में गुनगुने पानी या शहद में नीबू का रस मिलाकर सेवन करना फायदेमंद है। इस प्रयोग से कफ पिघलकर बाहर निकल जाता है।

वसंत ऋतु में नीम के पेड़ में पतझड़ के बाद नरम कोंपलें आ जाती हैं। पूरे चैत्र माह में रोजाना सुबह में नीम की 10-15 कोमल कोंपलों को अच्छी तरह चबा-चबाकर खूब महीन करके थोड़ी देर तक मुंह में रखकर चूसते रहना चाहिए, फिर निगल जाना चाहिए। इस प्रयोग से अगले सालभर तक रक्त विकार, चर्म विकार, बुखार आदि से बचाव होता है।

गले की खराश, हल्की खांसी, टांसिल बढना आदि समस्याओं में । गिलास गरम पानी में आधा-आधा चम्मच नमक व खाने वाला सोडा और 1-2 ग्राम पिसी हुई फिटकरी घोलकर दिन में चार-पांच बार गरारे करने से पूरा लाभ मिलता है।

सुबह में खाली पेट 5-6 तुलसी के पत्ते और 2-3 काली मिर्च चबाकर रस निगल जाएं। यह प्रयोग कफ के प्रकोप से बचाता है।

तुलसी, अदरक, लौंग व काली मिर्च का काढ़ा बनाकर पीने से कफज रोग विकारों से बचाव होता है।

लहसुन की 2-2 कलियां सुबह में खाली पेट निगलने या इसका रस निकालकर सेवन करने से भी कफ प्रकुपित नहीं होता है।

*डॉ अर्चना दुबे*, अध्यक्ष

अखंड एक्यूप्रेशर रिसर्च ट्रेंनिंग एंड ट्रीटमेंट इंस्टीट्यूट, प्रयागराज

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Vedant Singh

Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

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