
ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
राजस्थान के प्रसिद्ध नाकोड़ा तीर्थ में अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य डॉ लोकेश मुनि ने भगवान भगवान पार्श्वनाथ तथा अधिष्ठायक नाकोड़ा भैरव देव का वंदन-अर्चन कर विश्व में शांति और सौहार्द की मंगल कामना की।
प्रार्थना के पश्चात राजेंद्र धाम परिसर में पूज्य आचार्य श्रीमद् विजय कुलचंद्र सुरीश्वरजी के साथ विस्तृत ज्ञान-चर्चा हुई। इस दौरान आचार्य डॉ लोकेश मुनि ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और केवल संवाद व वार्ता के माध्यम से ही स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका, इजरायल और ईरान सहित विश्व के विभिन्न देशों में शांति स्थापित होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी राष्ट्र आपसी मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाएं।
आचार्य डॉ लोकेश मुनि ने भारत के प्रधानमंत्री से भी अपील की कि भारत के अमेरिका, इजरायल और ईरान सहित कई देशों के साथ अच्छे मैत्री संबंध हैं। ऐसे में विश्व शांति स्थापित करने के लिए भारत को भी सकारात्मक पहल करनी चाहिए और संवाद की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर आचार्य श्रीमद् विजय कुलचंद्र सुरीश्वरजी ने भी प्रभु से युद्ध की समाप्ति और विश्व शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि जैन धर्म अहिंसा में विश्वास करता है और “अहिंसा परमो धर्म” का सिद्धांत ही मानवता का मार्गदर्शन करता है। हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती।
कार्यक्रम में तखतगढ़ पीठाधीश्वर युवाचार्य अभयराम जी महाराज ने भी विश्व शांति के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। वहीं श्री राज हर्ष हेमेंद्र ट्रस्ट की ओर से ऑडिटर सीए ओमप्रकाश बांठिया ने स्वागत भाषण देते हुए ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी दी।
ट्रस्ट की ओर से सभी अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। इस दौरान आचार्य डॉ लोकेश मुनि, युवाचार्य अभयराम जी महाराज, आरोग्य पीठ दिल्ली के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य रमण सहित अन्य धार्मिक हस्तियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में नगर परिषद की पूर्व सभापति प्रभा सिंघवी, नाकोड़ा ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी महेंद्र चोपड़ा सहित श्री राज हर्ष हेमेंद्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने भी मुनिवरों का स्वागत किया और उनके आगमन पर हर्ष व्यक्त किया।

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