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महायोगी अवधूत संत श्री श्री 1008 श्री पूर्णानन्द जी महाराज की पुण्यतिथि पर आठ दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन का हुआ आगाज

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
महायोगी अवधूत संत श्री श्री 1008 श्री पूर्णानन्द जी महाराज की पुण्यतिथि पर आठ दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन का हुआ आगाज
सैंकड़ो महिलाओं ने सर पर कलश धारण कर उपनगर गंगाशहर, भीनासर, किशमीदेसर की परिक्रमा की
14 मार्च से संगीतमय भक्तमाल कथा का वाचन करेंगे महंत डॉ. रामप्रसाद जी महाराज
बीकानेर। धर्मनगरी छोटी काशी बीकानेर के उपनगर भीनासर स्थित श्री बंशीलाल राठी की बगीची में महायोगी अवधूत संत श्री श्री 1008 श्री पूर्णानन्द जी महाराज की पुण्यतिथि पर आठ दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का आगाज शुक्रवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। जहां सैंकड़ों की संख्या में शामिल श्रद्धा से लबरेज महिलाओं ने एक रंग की केसरिया साड़ी पहन, सर पर श्रीफल और पानी से भरे कलश को धारण कर मुरली मनोहर मंदिर से गंगाशहर, भीनासर, किशमीदेसर की परिक्रमा करते हुए मुरली मनोहर मैदान स्थित बंशीलाल राठी की बगीची में धार्मिक भजनों और भगवान के भजनों का गुणगान करते हुए पहुंची। इस दौरान कलश यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। सनातन धर्म के जयकारों से आसपास के क्षेत्र गुंजायमान हो उठे, वातावरण में गर्मी को देखते हुए जगह-जगह शीतल जल और ठण्डे पेय पदार्थों की मनवार की गई। इस दौरान जजमान सपत्नीक सर पर श्रीमद् भागवत धारण किए नगें पैर संपूर्ण पथ पर पैदल चले। वहीं रथ पर कथा व्यास परम पूज्य परमहंस महंत डॉ. रामप्रसाद जी महाराज, जोधपुर एवं मुरली मनोहर मंदिर के संत श्याम सुंदर महाराज विराजित रहे। आयोजनकर्ता गौरीशंकर सारड़ा ने बताया कि 14 से 20 मार्च तक दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक नानीबाई रो मायरो (संगीतमय भक्त माल कथा) का आयोजन किया जाएगा।
पूर्णानन्द जी महाराज के जीवन वृत पर प्रदर्शनी का उद्घाटन शनिवार को
आयोजनकर्ता गौरीशंकर सारड़ा ने बताया कि शनिवार 14 मार्च की दोपहर 2 बजे बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेठानन्द व्यास मुरली मनोहर मैदान, भीनासर स्थित श्री बंशीलाल राठी की बगीची में महायोगी अवधूत संत श्री श्री 1008 पूर्णानन्द जी महाराज के जीवन वृत पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।
गुरुवार को हुआ गणेश पूजन
आठ दिवसीय आयोजन की शुरुआत गुरुवार को गणेश पूजन और बाप जी के विशेष पूजन के साथ की गई। इस दौरान उनकी प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक किया गया। मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। फूलों की विभिन्न प्रजातियों द्वारा मंदिर में साज-सज्जा की गई। आयोजन को लेकर हर वर्ग के युवा, महिलाओं एवं पुरुषों में उत्साह का माहौल है।

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