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जसोल में अणुव्रत स्थापना दिवस ‘संयम दिवस’ के रूप में मनाने का संकल्प

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
📍 जसोल / बालोतरा, राजस्थान | 1 मार्च 2026
अणुव्रत समिति जसोल द्वारा 78वां अणुव्रत स्थापना दिवस “अणुव्रत संयम दिवस” के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया। यह आयोजन पुराने ओसवाल भवन में प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत तेरापंथ महिला मंडल द्वारा “संयममय जीवन हो” गीत के मंगलाचरण से हुई। समिति प्रभारी एवं तेरापंथ सभा अध्यक्ष भूपत राज कोठारी ने अणुव्रत आचार संहिता का वाचन करते हुए 11 नियमों की महत्ता बताई।
समिति अध्यक्ष महावीरचंद सालेचा ने सभी श्रावक-श्राविकाओं से संयम संकल्प पत्र भरने का आग्रह किया।
बालोतरा से आए जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय लाडनूं से जुड़े संजय वैद ने अणुव्रत के 11वें नियम की व्याख्या करते हुए पर्यावरण संरक्षण और जीवन के संबंध पर प्रकाश डाला।
ज्ञानशाला प्रभारी डूंगरचंद सालेचा ने अणुव्रत आंदोलन के 78 वर्षों के योगदान पर जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण योगक्षेम वर्ष के तहत लाडनूं में विराजमान हैं, जहां विभिन्न शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार भंसाली ने बताया कि 1 मार्च 1949 (मंगलवार) को आचार्य श्री तुलसी द्वारा अणुव्रत आंदोलन की शुरुआत की गई थी, इसलिए हर मंगलवार संयम दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया।
मंत्री सफरूखान ने संयम दिवस के तीन संकल्प दिलाए— 1️⃣ हर मंगलवार एक घंटे मौन साधना
2️⃣ किसी भी प्रकार का व्यसन न करना
3️⃣ तली-भुनी व मसालेदार बाजारू भोजन से बचना
कार्यक्रम में पुष्पा बुरड़ ने नैतिक जीवन पर जोर दिया। निवर्तमान अध्यक्ष पारसमल गोलेछा ने विद्यालयों में नशा-मुक्ति संकल्प अभियान की जानकारी दी।
गौतमचंद सालेचा ने अणुव्रत विश्व भारती के प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन मीडिया प्रभारी कांतिलाल ढेलड़िया ने किया।

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