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अपनी दुर्दशा पर रो रहा बीकानेर का विश्व-विख्यात राज रतन बिहारी मंदिर व ऐतिहासिक पार्क, धरोहर चोरी और अव्यवस्था से संकट में

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर, राजस्थान:
बीकानेर का विश्व-विख्यात और ऐतिहासिक राज रतन बिहारी मंदिर व उससे जुड़ा विशाल पार्क आज बदहाली और अव्यवस्था की मार झेल रहा है। देश-विदेश से लाखों पर्यटक जिस धरोहर को देखने आते हैं, वह आज चोरी, अतिक्रमण और लापरवाही के कारण अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।
🔴 दशकों पुरानी धरोहर को चोरों ने बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, बीकानेर राजघराने द्वारा दशकों पहले डलमेरा के लाल पत्थर, कीमती सफेद संगमरमर और विदेशी अष्टधातु से इंग्लैंड की तर्ज पर बनाए गए इस पार्क व मंदिर परिसर से भारी भरकम अष्टधातु की जालियां चोरी हो चुकी हैं।
करीब 35 फीट ऊंची और 8 फीट चौड़ी संरचनाओं सहित पार्क के तीनों ओर लगी लगभग 100 नक्काशीदार जालियों में से 80% चोरी हो चुकी हैं। मुख्य गेट के दोनों ओर लगे संगमरमर के शेर भी गायब बताए जा रहे हैं।
🏛️ पुरातत्व संरक्षण के बावजूद उपेक्षा
यह मंदिर और पार्क भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित धरोहर बताया जा रहा है। आजादी के बाद राजपरिवार ने इसे भारत सरकार को सौंपते समय एमओयू में शर्त रखी थी कि मंदिर व आसपास की जमीन का उपयोग केवल धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किया जाएगा।
लेकिन पिछले 15 वर्षों से देखरेख कर रहे देवस्थान विभाग राजस्थान पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। मंदिर परिसर में दुकानों, ठेलों और अवैध कब्जों की भरमार है, जिससे ऐतिहासिक स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा है।
🚓 पुलिस चौकी भी रहती है बंद
स्थानीय लोगों ने बताया कि असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए खुलवाई गई पुलिस चौकी भी अधिकतर बंद रहती है। मंदिर के मुख्य द्वार पर व्यापारियों के होर्डिंग लगे हैं और परिसर में दो दर्जन से ज्यादा ठेले-गाड़ियां देखी जा सकती हैं। नीचे बनी दर्जनों कोठरियों पर कब्जे का भी आरोप है।
🅿️ खेल मैदान को बनाया गया पार्किंग
मंदिर के पीछे स्थित विशाल खेल मैदान, जो पहले वृद्धजन भ्रमण पथ, बच्चों के खेल मैदान और धार्मिक आयोजनों के लिए उपयोग होता था, उसे पार्किंग में बदल दिया गया है। आरोप है कि यह फैसला नियमों के खिलाफ और दबाव में लिया गया।
📩 प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
मंदिर और पार्क को बचाने के लिए संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष कैप्टन डॉ. दिनेश सिंह भदौरिया ने देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की मांग की है।
🟡 स्थानीय लोगों की मांग
चोरी हुई धरोहर की जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो
अवैध कब्जे और ठेले हटाए जाएं
एमओयू की शर्तों के अनुसार धार्मिक-सांस्कृतिक उपयोग सुनिश्चित हो
पार्क और मंदिर का पुनरुद्धार किया जाए
निष्कर्ष:
बीकानेर की पहचान रहे इस ऐतिहासिक मंदिर और पार्क की हालत अगर जल्द नहीं सुधरी, तो आने वाली पीढ़ियों से यह अमूल्य धरोहर छिन सकती है।

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